भारतीय निशानेबाजी को गहरा सदमा: प्रख्यात शूटर जसपाल राणा का निधन

Rajkumar Dhiman, Dehradun: भारतीय निशानेबाजी जगत को शुक्रवार को बड़ा आघात लगा, जब देश के दिग्गज निशानेबाज और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और खिलाड़ियों, कोचों तथा खेल प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि … The post भारतीय निशानेबाजी को बड़ा झटका: दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन appeared first on Round The Watch.

Jun 12, 2026 - 18:37
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भारतीय निशानेबाजी को गहरा सदमा: प्रख्यात शूटर जसपाल राणा का निधन
भारतीय निशानेबाजी को गहरा सदमा: प्रख्यात शूटर जसपाल राणा का निधन

भारतीय निशानेबाजी को गहरा सदमा: प्रख्यात शूटर जसपाल राणा का निधन

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कम शब्दों में कहें तो, भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया, जो खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अधिक अपडेट्स के लिए पढ़ें।

जसपाल राणा का निधन: एक दुखद खबर
राजकुमार धिमान, देहरादून: भारतीय निशानेबाजी जगत को शुक्रवार को एक बड़ा आघात लगा, जब प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने पूरे खेल समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है। खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख से भारत लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और नई दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सा उपचार के दौरान, शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम साँस ली।

एक अद्वितीय खिलाड़ी और कुशल कोच

जसपाल राणा भारतीय निशानेबारी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पदक जीते। उनकी सटीक निशानेबाजी और निरंतर उत्कृष्टता ने भारतीय शूटिंग को वैश्विक पहचान दिलाई।

प्रतियोगी खेलों से संन्यास लेने के बाद, जसपाल राणा ने युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देकर खेल जगत में अपना योगदान जारी रखा। उनके अनुभव और मार्गदर्शक के रूप में उनका योगदान भारतीय निशानेबाजी की नई पीढ़ी के लिए महत्त्वपूर्ण रहा।

जसपाल राणा की उपलब्धियाँ

जसपाल राणा ने खिलाड़ी और कोच दोनों रूप के रूप में भारतीय खेलों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को नई पहचान प्रदान करने वाले जशपाल राणा ने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में 15 पदकों का रिकॉर्ड बनाया, जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल हैं।

उनका योगदान केवल खेल ही नहीं, बल्कि खेल शिक्षा में भी अद्वितीय रहा है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाजों को तैयार किया, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर भी शामिल हैं। उन्हें 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

जसपाल राणा का जीवन: एक नजर में

जन्म: 28 जून 1976, उत्तरकाशी (उत्तराखंड)
निधन: 12 जून 2026 (49 वर्ष की आयु में)
पहचान: भारत के महानतम पिस्टल निशानेबाजों में से एक, राष्ट्रीय कोच और खेल गुरु।

भविष्य के लिए प्रेरणा

जसपाल राणा का जीवन न केवल उनकी उपलब्धियों से भरा हुआ था, बल्कि उन्होंने भारतीय खेलों में उत्कृष्टता, अनुशासन और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उनका निधन भारतीय खेल जगत में एक गहरी छाप छोड़ गया है, जिसे भुलाया नहीं जा सकेगा।
जसपाल राणा के योगदान को सदैव याद रखा जाएगा और वे युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

मुख्य उपलब्धियां:

  • 1994 में मिलान में जूनियर विश्व शूटिंग चैम्पियनशिप में विश्व रिकॉर्ड प्राप्त किया।
  • 1994 एशियाई खेल (हिरोशिमा) में स्वर्ण पदक जीता।
  • 2006 दोहा एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीते।
  • राष्ट्रमंडल खेलों में चार संस्करणों में कुल 15 पदक जीते।
  • गौरवमयी 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

संपर्क
कोच के रूप में उनकी भूमिका ने भारतीय पिस्टल शूटिंग को एक नई दिशा दी है। उनका निधन निशानेबाजी के लिए अपूरणीय क्षति मानी जाती है। उनकी प्रेरणादायक कहानियाँ और उपलब्धियाँ सदैव याद रहेंगी।

टीम नेटaa नागरी द्वारा, ज्योति शर्मा

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