बद्रीनाथ हाईवे पर पार्किंग विवाद में हिंसा, कई लोग घायल, प्रशासन ने लिया नियंत्रण
देहरादून/चमोली इन दिनों उत्तराखंड में चारधाम और हेमकुंड यात्रा जोरो पर हैं। मंगलवार सुबह चमोली जिले के कर्णप्रयाग से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई। प्राप्त जानकारी के…
बद्रीनाथ हाईवे पर पार्किंग विवाद में हिंसा, कई लोग घायल, प्रशासन ने लिया नियंत्रण
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कम शब्दों में कहें तो, बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर पार्किंग को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। प्रशासन घटना के क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने के लिए पहुंचा है।
देहरादून/चमोली: इन दिनों उत्तराखंड में चारधाम और हेमकुंड यात्रा़ का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह चमोली जिले के कर्णप्रयाग से एक हैरान कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया, जहां बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर एक मामूली पार्किंग विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे, हेमकुंड साहिब के दर्शन करके लौट रहे चार सिख श्रद्धालु कर्णप्रयाग में एक होटल के पास अपनी बाइक पार्क कर रहे थे। लेकिन पार्किंग को लेकर होटल मालिक के बेटे और श्रद्धालुओं के बीच बहस होते-होते अचानक हिंसक हो गई। ग्रुप में मौजूद सिख श्रद्धालुओं ने तलवारें निकालकर होटल मालिक के बेटे पर हमला कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय निवासियों ने जब देखा कि हमला हो रहा है, तो वे बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और हमलावर श्रद्धालुओं को पकड़ने की कोशिश की। इस देखादेखी में स्थिति और बिगड़ गई और हमलावरों ने अन्य स्थानीय नागरिकों पर भी हमला कर दिया, जिससे चार प्रमुख स्थानीय लोग भी घायल हो गए। इसके जवाब में, स्थानीय लोगों ने एक सिख श्रद्धालु को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। बाकी तीन श्रद्धालु घटना स्थल से भागने में सफल रहे, लेकिन बाद में उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
इस घटना में कुल 8 लोग घायल हुए, इनमें चार स्थानीय नागरिक और चार सिख श्रद्धालु शामिल हैं। घायलों को तत्काल कर्णप्रयाग के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति में होने के कारण, होटल मालिक के बेटे को एयर एंबुलेंस द्वारा देहरादून भेजा गया।
कर्णप्रयाग थाने के प्रभारी विनोद थपलियाल ने कहा कि बाकी घायलों का इलाज चल रहा है। इस घटना के प्रति स्थानीय नागरिकों में असंतोष बढ़ गया है, जिसके चलते उन्होंने कर्णप्रयाग के पंचपुलिया में बद्रीनाथ हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
जाम के कारण, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले हजारों श्रद्धालु इस मुख्य मार्ग पर फंसे रहे। हाईवे सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2:30 बजे तक बंद रहा, जिससे कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। स्थानीय जनता ने मांग की है कि धार्मिक यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के पास हथियार लाने पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पुलिस एकदम रोक सके।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए हाईवे को फिर से चालू किया। फिलहाल, बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सूचित किया कि जो भी व्यक्ति इस घटना में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जो कानून-व्यवस्था में बाधा डालने का प्रयास करें।
यह घटना उत्तराखंड के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन की गंभीरता को उजागर करती है। दिनोंदिन बढ़ती भीड़ के बीच, प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है कि वे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच सामंजस्य बनाए रखें। आगे बढ़ते समय, हमें उम्मीद है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इसके अलावा, हम स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से भी आग्रह करते हैं कि वे एक-दूसरे का सम्मान करें और ऐसी परिस्थितियों के उत्पन्न होने से बचें।
इस घटना पर और अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएँ: Netaa Nagari
सादर,
टीम नेटा़ नगरि
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