बच्चों का अनूठा विरोध: जलभराव से तंग आकर नगर निगम पहुंचे शिक्षकों और छात्रों की क्लास
Rajkumar Dhiman, Dehradun: जनसमस्या को अपनी नियति मानकर चुप बैठने की जगह अब नागरिकों की मुट्ठियां तनने लगी हैं। जेनजी आंदोलन से शुरू हुई विरोध प्रदर्शन की निर्णायक लड़ाई में अब जेन अल्फा भी पीछे नजर नहीं आ रहे। रुड़की में आंदोलन का ऐसा ही अप्रत्याशित रूप देखने को मिला। कृष्णा नगर स्थित स्काईवर्ड सीनियर … The post स्कूल में भरा पानी तो बच्चों को बसों में भरकर नगर निगम जा पहुंचे शिक्षक, आयुक्त के कमरे में ही लगा डाली क्लास appeared first on Round The Watch.
बच्चों का अनूठा विरोध: जलभराव से तंग आकर नगर निगम पहुंचे शिक्षकों और छात्रों की क्लास
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में जलभराव की समस्या से चिंतित बच्चों और शिक्षकों ने एक अनोखे संघर्ष का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल की स्थिति को सुधारने के लिए नगर निगम का दरवाजा खटखटाया।
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राजकुमार ढिमान, देहरादून: अब समय आ गया है जब आम नागरिकों की आवाज उठने लगी है। जनसंख्या की समस्याओं को अपनी नियति मानने के बजाय, नागरिकों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना शुरू कर दिया है। नई पीढ़ी के युवा, जिनमें 'जेनजी' और 'जेन अल्फा' शामिल हैं, अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रुड़की में इसी संदर्भ में एक अद्भुत घटना घटी जब कृष्णा नगर स्थित स्काईवर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जलभराव के कारण छात्रों ने शिक्षक के साथ नगर निगम का दौरा किया।
स्कूल के बाहर जलभराव से बच्चों में ज्यादा आक्रोश
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बताया कि स्कूल के बाहर जलभराव ने उनकी रोज़मर्रा की गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बाहरी क्षेत्र में पानी जमा होने से विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने नगर निगम के कार्यालय का रुख किया।
नगर आयुक्त के कार्यालय में प्रभावी विरोध प्रदर्शन
बच्चों और शिक्षकों ने नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल के कार्यालय में पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि स्कूल के बाहर पानी की समस्या के कारण छात्रों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। कई घंटों तक तीन बसों से नगर निगम पहुंचने के बाद कार्यालय के परिसर में हलचल मच गई। यहां तक कि शिक्षक ने नगर आयुक्त के कमरे में क्लास लगाकर छात्रों को पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया।
बच्चों का सवाल—क्या स्कूल जाने से बेहतर है कि हम पानी में गुजरें?
जलभराव की समस्या ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और शिक्षकों को इस समस्या का सामना करने के लिए किस प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, यह देखने के लिए तीन बसों में छात्रों का नगर निगम पहुंचना एक उदाहरण है। अब देखने वाली बात यह है कि इस विरोध के बाद नगर निगम स्कूल के बाहर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाएगा।
इस दृश्य ने ना केवल शिक्षकों और छात्रों की साहसी कोशिश को दर्शाया बल्कि यह भी दिखाया कि वर्तमान पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए कितनी गंभीरता से लड़ रही है। भागीदारी के इस स्तर को देखकर यही कहना पड़ता है कि जब सामूहिक आवाज उठती है, तो बदलाव की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
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संपादक द्वारा: पूजा मेहरा, टीम नेटaa नागरी
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