पत्नी की हत्या मामले में पति दोषी, 9 जुलाई को होगी सजा की घोषणा
Amit Bhatt, Dehradun: नैनीताल की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति दीप शर्मा को दोषी ठहराया है। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। मामले में सजा का ऐलान 9 जुलाई को किया जाएगा। यह … The post पत्नी का गला दबाया और गढ़ दी फांसी लगाने की कहानी, पति दोषी और 09 को तय होगी सजा appeared first on Round The Watch.
पति की दरिंदगी: पत्नी की हत्या का मामला, सजा की तारीख तय
कम शब्दों में कहें तो नैनीताल की अदालत ने पत्नी की हत्या में पति दीप शर्मा को दोषी पाया है। सजा का ऐलान 9 जुलाई को होगा, जबकि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
Amit Bhatt, Dehradun: नैनीताल स्थित द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने एक गंभीर पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति दीप शर्मा को दोषी ठहराया है। अदालत ने बुधवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए और अब इस मामले में सजा का ऐलान 9 जुलाई को किया जाएगा।
हत्या का मामला और उसके पीछे का सच
यह घटना 2 फरवरी 2021 को घटित हुई थी, जब मृतका अंशु शर्मा के भाई ने मल्लीताल थाने में अपनी बहन की संदिग्ध मौत की शिकायत दर्ज कराई थी। अंशु की शादी 28 फरवरी 2017 को दीप शर्मा के साथ हुई थी। परिवार वालों का आरोप है कि शादी के बाद से दीप और उसके परिवार ने अंशु को दहेज के लिए प्रताड़ित किया था।
दहेज उत्पीड़न के आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अंशु के परिवार ने यह बताया कि दीप शर्मा और उसके परिवारीजन हमेशा से अंशु पर कम दहेज लाने का दबाव डालते थे। इसके चलते अंशु को मानसिक और शारीरिक दोनों ही प्रकार से प्रताड़ित किया जाता था। इस दंपति का एक दो वर्षीय बेटी भी है, जो इस घटनाक्रम में एक अतिरिक्त दर्दनाक पहलू जोड़ती है।
सुनवाई और गवाहों के बयान
इस मामले की सुनवाई के दौरान, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम सिंह रौतेला ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। अभियोजन ने अदालत को 15 गवाहों के बयान पेश किए, जिन्होंने अंशु के साथ हुए अत्याचारों के बारे में जानकारी दी।
मेडिकल साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
अभियोजन ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंशु के शरीर पर छह चोटों के निशान पाए गए थे। चिकित्सकीय साक्ष्यों के अनुसार, यह पुष्टि हुई कि अंशु की मौत गला दबाने के कारण हुई थी, जबकि इसे आत्महत्या या फांसी का मामला नहीं माना गया।
अदालत का निर्णय और आने वाला भविष्य
अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का गहन विश्लेषण करने के बाद दीप शर्मा को दोषी ठहराया। अदालत ने यह भी नोट किया कि घटना के समय आरोपी घर पर था, लेकिन उसने अपनी पत्नी को अस्पताल नहीं पहुंचाया और न ही पुलिस या अंशु के परिजनों को सूचित किया। इसके अलावा, घटना के बाद दीप शर्मा लंबे समय तक फरार रहा, जो कि एक गंभीर परिस्थिति के रूप में देखा गया। अब अदालत 9 जुलाई को अंततः दीप शर्मा की सजा का निर्णय करेगी।
इस मामले ने न केवल नैनीताल बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य में दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा पर चर्चा को जागृत किया है। इस तरह की घटनाएँ समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं कि हमें महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की आवश्यकता है।
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Team Netaa Nagari - राधिका शर्मा
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