एसबीआई देहरादून में कर्मचारियों का विशाल धरना: मांगें हल न होने पर हड़ताल की चेतावनी
देहरादून अखिल भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के घोषित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के तहत आज, दिनांक 18 मई 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन (SBISA) देहरादून मॉड्यूल द्वारा…
एसबीआई देहरादून में कर्मचारियों का विशाल धरना: मांगें हल न होने पर हड़ताल की चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो 18 मई 2026 को देहरादून में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन (SBISA) ने अखिल भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के आह्वान पर एक बड़ा धरना आयोजित किया। इस धरने में बैंक के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में व्यापक भागीदारी की।
देहरादून
आज, 18 मई 2026 को, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन (SBISA) ने अखिल भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के तहत घोषित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में प्रशासनिक कार्यालय-3 (AO-3) में एक विशाल धरना आयोजित किया। इस धरने में देहरादून अंचल के सभी क्षेत्रों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारी सदस्यों ने भाग लिया और अपनी जायज मांगों के समर्थन में एक स्वर में आवाज उठाई।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
धरना स्थल पर उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपमहासचिव श्कमल तोमर ने बताया कि वर्तमान में बैंक प्रबंधन द्विपक्षीय संवाद को लगातार कमजोर कर रहा है और एकतरफा फैसले ले रहा है, जो न केवल बैंक के लिए बल्कि कर्मचारियों के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने मांगें दोहराते हुए कहा कि:
- बैंक में पिछले 29 वर्षों से मेसेंजर की भर्ती नहीं हुई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
- सुरक्षा के लिए सशस्त्र गार्डों की भर्ती ना होने से शाखाओं और सार्वजनिक धन की सुरक्षा दांव पर है, इसलिए रिक्त पदों पर तुरंत नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
- हालांकि भारत सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, कर्मचारियों को एनपीएस (NPS) के तहत पेंशन फंड मैनेजर और निवेश पैटर्न में बदलाव करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जो पूर्णतः तानाशाही और अन्यायपूर्ण है।
- 2019 के बाद बैंक में नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंटर सर्कल ट्रांसफर पर लगाए गए अनुचित प्रतिबंध को तुरंत वापस लिया जाए।
- बैंक में स्थायी कार्यों को अवैध रूप से आउटसोर्स किया जा रहा है, जिससे ग्राहक डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा को बड़ा खतरा हो रहा है।
धरने की चेतावनी और भविष्य की कार्रवाई
यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का धरना प्रबंधन के अड़ियल रवैये के खिलाफ एक ठोस चेतावनी है। यदि सरकार और शीर्ष प्रबंधन ने इन गंभीर मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से नहीं निकाला, तो आगामी 25 और 26 मई 2026 को होने वाली दो दिवसीय संपूर्ण राष्ट्रव्यापी हड़ताल ऐतिहासिक होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रशासन की होगी।
इस धरने में एसबीआईएसए देहरादून मॉड्यूल के सभी प्रमुख पदाधिकारी एवं कर्मचारी सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर अपनी आवाज को बुलंद किया। स्थानीय मीडिया में धरने की व्यापक कवरेज के साथ ही यह स्पष्ट हो रहा है कि एसबीआई कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
संक्षेप में
आज का धरना एसबीआई कर्मचारियों के संघर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी मांगों का उचित समाधान न मिलने पर देशभर में हड़ताल का खतरा मंडरा रहा है। एसबीआई प्रबंधन को शीघ्र और उचित निर्णय लेना चाहिए ताकि कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों का हित सुरक्षित रह सके।
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समाप्ति के शब्द: टीम नेटaa नगरी के द्वारा, आराधना शुक्ला
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