ऋषिकेश के 'गंगा इन' होटल का सील होना: 16 वर्षीय नाबालिग के दुष्कर्म मामले का खुलासा
Rajkumar Dhiman, Dehradun: 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में चर्चा में आए ऋषिकेश के गंगा इन होटल पर शनिवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सीलिंग की कार्रवाई की। होटल निकट रेलवे स्टेशन, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे स्थित है। प्राधिकरण ने कार्रवाई को अनधिकृत निर्माण से संबंधित बताया है। पुलिस बल की मौजूदगी … The post जिस होटल में 16 साल की नाबालिग का रेप हुआ, एमडीडीए ने उसे सील किया, आवासीय नक्शे पर किया था निर्माण appeared first on Round The Watch.
ऋषिकेश के 'गंगा इन' होटल का सील होना: 16 वर्षीय नाबालिग के दुष्कर्म मामले का खुलासा
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कम शब्दों में कहें तो, ऋषिकेश का 'गंगा इन' होटल एक दुष्कर्म मामले के कारण सुर्खियों में है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शनिवार को इस होटल को सील कर दिया। यह कदम अनधिकृत निर्माण के चलते उठाया गया।
ऋषिकेश में होटल पर सीलिंग की कार्रवाई
राजकुमार धीमान, देहरादून: 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में चर्चित ऋषिकेश का गंगा इन होटल अब पुलिस और एमडीडीए के शिकंजे में है। शनिवार को, उक्त होटल को एमडीडीए ने सील कर दिया। यह होटल रेलवे स्टेशन के पास और पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे स्थित है। एमडीडीए ने सीलिंग की कार्रवाई को अनधिकृत निर्माण से जोड़ा है, जिसमें पुलिस बल की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही है।
यह कार्रवाई एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया के निर्देशन में अभियंताओं ने की। एमडीडीए के ऋषिकेश शाखा कार्यालय ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को पत्र भेजकर निर्माण की स्थिति का उल्लेख किया है। पत्र में बताया गया है कि इस होटल के अनधिकृत निर्माणकर्ता विनोद अग्रवाल हैं और पूर्व में भी सीलिंग की कार्रवाई की गई थी।
आवासीय भवन के रूप में मान्यता के बावजूद होटल का संचालन
गंगा इन होटल के बारे में एमडीडीए के दस्तावेज में उल्लेख है कि इसका भवन मानचित्र Residential (आवासीय) उपयोग के अनुसार है, फिर भी यह होटल के रूप में संचालित हो रहा था। इस आधार पर, एमडीडीए ने अनधिकृत निर्माण को फिर से सील करने की संस्तुति की, जिसका पालन शनिवार को किया गया।
सीलिंग कार्रवाई में शामिल लोग
इस सीलिंग कार्रवाई के दौरान एमडीडीए की टीम के सदस्यों के साथ पुलिस बल भी मौजूद था। सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी और जयदीप राणा ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्राधिकरण के संयुक्त सचिव ने भी इस प्रकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दो स्तरों पर चल रही हैं कार्रवाईयाँ
इस मामले में अब दो स्तरों पर कार्रवाई चल रही है: एक, नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की आपराधिक जांच, और दूसरी, होटल के अनधिकृत निर्माण के खिलाफ एमडीडीए की कार्रवाई। दोनों जांचों का उद्देश्य इस जघन्य अपराध के पीछे की सभी सच्चाइयों को उजागर करना है।
दुष्कर्म का मामला और उसके बाद की घटनाएँ
गंगा इन होटल में, 29 अगस्त को 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा था। मुजफ्फरनगर निवासी 21 वर्षीय आरोपी सोफियान ने किशोरी को बहला-फुसलाकर होटल लाया था। घटना के बाद किशोरी को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सोफियान के अलावा होटल के मैनेजर वैभव गुप्ता और संचालक राहुल अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया है।
जांच में पता चला है कि होटल ने नाबालिग को बिना उचित पहचान एवं सत्यापन ठहराया और आवश्यक रजिस्टर में प्रविष्टि नहीं की। इसके अलावा, घटना की जानकारी होने के बाद भी स्थानीय पुलिस या सहायता एजेंसी को सूचित नहीं किया गया। यहाँ तक कि किशोरी को होटल से बाहर ले जाते समय CCTV कैमरे भी बंद थे।
इस सारे मामले ने समाज को यह सिखाया है कि हमें ऐसे अनधिकृत और खतरनाक संस्थानों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों में काफी नाराजगी है। हम सबको मिलकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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Team Netaa Nagari - आरती शर्मा
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