उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच का दो दिवसीय सम्मेलन: मंत्री खजान दास की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
देहरादून रविवार को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रादेशिक सम्मेलन की प्रातः ही शहीदों को पुष्प चढ़ाकर शुरुआत की गई। सुबह मुख्यमन्त्री पुष्कर…
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच का दो दिवसीय सम्मेलन: मंत्री खजान दास की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
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कम शब्दों में कहें तो, रविवार को देहरादून में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुयी, जिसमें प्रदेश भर के आंदोलनकारियों ने भाग लिया।
देहरादून: रविवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय प्रादेशिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शहीदों को पुष्प अर्पित करके आरंभ हुआ। कार्यक्रम की पहली सुबह, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बैठक में भाग लेने के कारण अपना संदेश भेजा, जिसे सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने प्रस्तुत किया।
भारी बारिश के बावजूद, सभागार खचाखच भरा हुआ था। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली और राज्य मंत्री अशोक वर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष हुकम सिंह, उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल और सरोज कोठारी तथा प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह ने भी इस अवसर पर दीप प्रज्वलित किया।
सम्मेलन में लक्ष्मी बुडाकोटी ने मांगल गाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। सम्मेलन को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें पहले सत्र में राज्य आंदोलनकारियों के मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। इसमें आंदोलनकारियों के पहचान और क्षैतिज आरक्षण में भेदभाव, पुराने पेंशन से वंचित कर्मचारियों के मुद्दे और वर्ष 2011/12 में परीक्षा उत्तीर्ण किए आंदोलनकारियों की नियुक्ति के मुद्दे पर नाराजगी व्यक्त की गई।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी चिंताओं और मांगों को रखते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की अपील की। पूरे पैनल ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक होगी और सभी मांगों का समाधान किया जाएगा।
दूसरे सत्र में, विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान और मेयर सौरव थपलियाल ने प्रदेश के विकास के मुद्दों पर चर्चा की। इस सत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के समर भण्डारी और पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने भी हिस्सेदारी की।
इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, केशव उनियाल, जयदीप सकलानी, और कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। ये सभी नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए भविष्य में आंदोलनकारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात की।
इस सम्मेलन ने यह दर्शाया कि आंदोलनकारी अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं और भविष्य की योजनाओं में अपनी आवाज उठाने के लिए पूरी तरह से तत्पर हैं। इससे उत्तराखंड की राजनीति में एक नया मोड़ भी देखने को मिल सकता है।
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संवाददाता: सुमन कुसाईं, टीम नेटा नगरी
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