हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने पर 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया मत्था - Netaa Nagari
देहरादून/गोपेश्वर सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए सिख परंपराओं के अनुसार खोल दिए गए। इस अवसर पर देश भर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने…
हेमकुंड साहिब के कपाट विधिविधान के साथ खुले, देश विदेश के 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
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कम शब्दों में कहें तो, हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, और इस अवसर पर 5,000 से अधिक भक्तों ने यहां मत्था टेका।
देहरादून/गोपेश्वर: सिखों के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट आज यहाँ श्रद्धालुओं के लिए सिख परंपराओं के अनुसार विधिपूर्वक खोले गए। इस अवसर पर देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सभा में भाग लिया और गुरूद्वारे में मत्था टेका।
गौरतलब है कि हेमकुंड साहिब का यह साल का पहला अरदास दिन 12:30 बजे किया गया और इसके बाद यहाँ पवित्र सरोवर में स्नान करने वाला श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ आया। पहले ही दिन, यहां 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र जल में स्नान कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
खुलने की प्रक्रिया और पहला अरदास
हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के चेयरमैन नरिंदर जीत सिंह बिंद्रा के अनुसार, शनिवार को कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 9 बजे पंच प्यारों द्वारा श्री गुरुग्रंथ साहिब को सचखंड से दरबार साहिब में स्थापित करने के साथ शुरू की गई। इसके बाद सुखमणी का पाठ और सबद कीर्तन का आयोजन किया गया।
जैसे ही कपाट खुलने की दस्तक दी गई, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। यहाँ के कपाट आम दर्शनार्थियों के लिए खोलने से पहले साल की पहली अरदास की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ भाग लिया। हुक्मनामा लेकर हेमकुंड साहिब की यात्रा विधिवत रूप से शुरू कर दी गई।
श्रद्धालुओं की भावना और महत्व
हेमकुंड साहिब का दर्शन करने के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी भक्तों को आकर्षित करता है। इस साल भी यहाँ पहुँचने वाले श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा को अद्वितीय बताया है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि यहाँ की तीर्थ यात्रा उनकी आत्मा के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव है। यहाँ आकर उन्होंने अपने सभी दुखों और समस्याओं से मुक्ति पाने की प्रार्थना की। पवित्र सरोवर के जल में स्नान करना यहाँ के प्रत्येक श्रद्धालु की मुख्य इच्छा होती है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा नियम
इस साल महामारी के कारण स्वास्थ्य और सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए पवित्र स्थल पर विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि सभी भक्त सुरक्षित रह सकें।
विश्व के विभिन्न देशों से भी श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आए हैं, जिन्होंने इस पवित्र धाम की भव्यता और दिव्यता की सराहना की है। हर साल हेमकुंड साहिब यात्रा का आयोजन सिखों के लिए एक महत्वपूर्ण और पवित्र अवसर होता है।
इस धार्मिक अवसर पर पहुंचे भक्तों की संख्या यह दर्शाती है कि हेमकुंड साहिब सिख समुदाय के लिए केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उनके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
इस तरह, हेमकुंड साहिब की यात्रा का सफर शुरू हो चुका है और यत्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिक जानकारियों के लिए अधिक जानकारी के लिए Netaa Nagari पर विजिट करें।
सादर,
टीम नेटा नगरी
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