फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र से MBBS दाखिले का मामला, SIT ने शुरू की गहन जांच

देहरादून, 19 सितंबर 2026। NEET-UG 2025 के माध्यम से एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी स्वतंत्रता

Sep 20, 2026 - 00:37
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फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र से MBBS दाखिले का मामला, SIT ने शुरू की गहन जांच

देहरादून, 19 सितंबर 2026। NEET-UG 2025 के माध्यम से एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल किए जाने के मामले में देहरादून पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, थाना क्लेमेंटाउन और थाना रायपुर में संबंधित मामलों में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर 18 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में SIT गठित की गई।

जांच के दौरान SIT के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि संबंधित अभ्यर्थियों ने धर्मवीर नाम से जारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी के प्रमाण-पत्र का लाभ लेकर एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त किया। प्रमाण-पत्र से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए SIT ने धर्मवीर के परिजनों से संपर्क किया तथा उनके पुत्र और पौत्र के बयान दर्ज किए।

इसके अलावा प्रमाण-पत्र से संबंधित राजस्व अभिलेख एवं प्रक्रिया की जानकारी जुटाने के लिए जांचकर्ता पटवारी के भी बयान दर्ज किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े अभियुक्तों के अभिलेखों में दर्ज पतों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान चारों अभियुक्तों के दर्ज पते फर्जी पाए गए, ऐसा पुलिस की जांच में सामने आया है।

प्रकरण में इस्तेमाल किए गए प्रमाण-पत्रों और अन्य दस्तावेजों की वास्तविकता एवं वैधता की पुष्टि के लिए संबंधित विश्वविद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थानों से भी पत्राचार किया गया है। प्राप्त होने वाली जानकारी और दस्तावेजों का विवेचना के दौरान परीक्षण किया जा रहा है।

देहरादून पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, तथ्यों और साक्ष्यों को विधि के अनुसार संकलित एवं जांचा जा रहा है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

SSP देहरादून ने कहा कि प्रकरण की जांच निष्पक्ष एवं साक्ष्यपरक तरीके से की जा रही है। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शैक्षणिक प्रवेश या आरक्षण का अनुचित लाभ लिए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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