पौड़ी में कृषि उपयोग या बिल्डर के अपार्टमेंट होंगे खड़े, डीएम स्वाति ने बैठाई जांच
Rajkumar Dhiman, Dehradun: पौड़ी के कोट विकासखंड की सितोनस्यूं पट्टी के ऐराड़ी गांव में 112 नाली (करीब 5.5 एकड़) भूमि खरीद के विवाद ने अब प्रशासनिक जांच का रूप ले लिया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एडीएम पौड़ी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। … The post पौड़ी में कृषि उपयोग या बिल्डर के अपार्टमेंट होंगे खड़े, डीएम स्वाति ने बैठाई जांच appeared first on Round The Watch.
Rajkumar Dhiman, Dehradun: पौड़ी के कोट विकासखंड की सितोनस्यूं पट्टी के ऐराड़ी गांव में 112 नाली (करीब 5.5 एकड़) भूमि खरीद के विवाद ने अब प्रशासनिक जांच का रूप ले लिया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एडीएम पौड़ी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति भूमि खरीद, उसके प्रस्तावित उपयोग, विभिन्न विभागों से ली गई अनुमतियों और सोशल मीडिया पर हाउसिंग सोसायटी के प्रचार सहित सभी पहलुओं की जांच करेगी। जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन के अनुसार नई दिल्ली स्थित दून हैचरीज लिमिटेड ने स्थानीय व्यक्ति के माध्यम से ऐराड़ी गांव में 112 नाली कृषि भूमि खरीदी है। भूमि खरीद के दस्तावेजों में इसका उद्देश्य कृषि उपयोग दर्शाया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर इसी भूमि पर ‘व्हिस्परिंग पाइन’ नाम से हाउसिंग सोसायटी विकसित किए जाने का प्रचार किया जा रहा है। इसी विरोधाभास और ग्रामीणों की आपत्तियों के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की है।
जुलाई में हुई बड़े पैमाने पर खरीद, 144 नाली तक सौदे की चर्चा
जानकारी के अनुसार बीते जुलाई में गांव के 12 ग्रामीणों ने अपनी भूमि बेचनी शुरू की। इनमें से 112 नाली भूमि का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि कुल 144 नाली भूमि बेचने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने यमकेश्वर ब्लॉक के कोठार दिउली निवासी एक व्यक्ति को माध्यम बनाकर जमीन खरीदी, जिससे नए भू-कानून की भावना को दरकिनार किया गया।
ग्रामीणों ने जताई भू-माफिया और डेमोग्राफी बदलने की आशंका
सामाजिक कार्यकर्ता रोहित भट्ट ने आरोप लगाया कि कृषि भूमि खरीदकर हाउसिंग सोसायटी विकसित करने की तैयारी पहाड़ में भू-माफियाओं के नए तरीके का उदाहरण है। उनका कहना है कि नए भू-कानून में बाहरी व्यक्ति के लिए 250 वर्गमीटर से अधिक भूमि खरीद पर प्रतिबंध है, लेकिन स्थानीय व्यक्ति को माध्यम बनाकर इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यहां बड़े स्तर पर आवासीय परियोजना बनी तो क्षेत्र में बाहरी लोगों की बसावट बढ़ेगी और स्थानीय डेमोग्राफी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की मांग की।
कंपनी का दावा- सेब का बगीचा और होम-स्टे विकसित करेंगे
दून हैचरीज लिमिटेड के निदेशक नरेंद्र सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कंपनी किसी प्रकार की हाउसिंग सोसायटी विकसित नहीं कर रही है। भूमि पर सेब का बगीचा तैयार किया जाएगा और भविष्य में होम-स्टे विकसित करने की योजना है। उनके अनुसार भूमि पूरी तरह कृषि उद्देश्य से खरीदी गई है और इसका कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाएगा।
रेरा अनुमति और इंटरनेट प्रचार की भी होगी जांच
प्रशासन यह भी जांच करेगा कि यदि भूमि पर हाउसिंग सोसायटी विकसित करने का प्रचार किया गया है तो रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। इंटरनेट मीडिया पर किए गए प्रचार और वास्तविक परियोजना के बीच किसी प्रकार का अंतर पाया गया तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
पहुंच मार्ग और खनन की भी होगी पड़ताल
जांच केवल भूमि खरीद तक सीमित नहीं रहेगी। ऐराड़ी गांव में संबंधित भूमि तक 163 मीटर लंबे और 20 फीट चौड़े पहुंच मार्ग की अनुमति ग्रामीण राजेंद्र सिंह के नाम से ली गई थी, जिसमें 74 नाली भूमि दर्शाई गई थी और अन्य खातेदारों की सहमति भी ली गई थी। अब खनन विभाग यह जांच करेगा कि मौके पर अनुमति के अनुरूप ही कटिंग और निर्माण हुआ है या नहीं। प्रभारी जिला खान अधिकारी अनिल मुयाल ने कहा कि विभागीय टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी और अनुमति से अधिक कटिंग या अवैध खनन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने किया निरीक्षण
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने भी मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्थल पर किसी भी पेड़ का अवैध पातन नहीं मिला है। विभाग के पास पेड़ों के पातन की अनुमति के लिए कोई आवेदन भी प्राप्त नहीं हुआ है। यदि भविष्य में वन अधिनियम का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने क्या कहा
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि एडीएम पौड़ी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध रहेगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
The post पौड़ी में कृषि उपयोग या बिल्डर के अपार्टमेंट होंगे खड़े, डीएम स्वाति ने बैठाई जांच appeared first on Round The Watch.
What's Your Reaction?