देहरादून में 8.63 करोड़ रुपये से सजीव हुआ जौहड़, सीएम धामी के पर्यावरण संरक्षण विजन का पुख्ता उदाहरण

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के विजन को धरातल पर उतारते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का व्यापक…

Aug 21, 2026 - 09:37
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देहरादून में 8.63 करोड़ रुपये से सजीव हुआ जौहड़, सीएम धामी के पर्यावरण संरक्षण विजन का पुख्ता उदाहरण
देहरादून में 8.63 करोड़ रुपये से सजीव हुआ जौहड़, सीएम धामी के पर्यावरण संरक्षण विजन का पुख्ता उदाहरण

देहरादून में 8.63 करोड़ रुपये से सजीव हुआ जौहड़, सीएम धामी के पर्यावरण संरक्षण विजन का पुख्ता उदाहरण

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के मियांवाला क्षेत्र में जौहड़ का सौंदर्यीकरण कर इसे जल-सृष्टि पार्क में तब्दील किया गया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण विजन को साकार करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के विजन को धरातल पर उतारते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का व्यापक सौंदर्यीकरण किया है। लगभग 8.63 करोड़ रुपये की लागत से इस कार्य को पूरा किया गया है, जिसके बाद वर्षों से उपेक्षित पड़े इस जलस्रोत और उसके आसपास का क्षेत्र अब आम लोगों के लिए प्रकृति, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सुकून का नया ठिकाना बनकर तैयार है।

जौहड़ का कायाकल्प: एक नई शुरुआत

एमडीडीए की यह पहल देहरादून में हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री धामी ने शहरी विकास को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर जोर देते हुए मियांवाला के पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप स्थित जौहड़ की भूमि और पुराने तालाब क्षेत्र का कायाकल्प किया। परियोजना में जलस्रोत के संरक्षण के साथ आसपास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया गया है।

पार्क की सुविधाएं

इस नए जल-सृष्टि पार्क में सभ्यताओं के साथ-साथ जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इसके साथ ही, नौकायन जैसी गतिविधियों के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।

बंशीधर तिवारी का निरीक्षण

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जल-सृष्टि पार्क का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनसे विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित हो।

आधुनिक सुविधाएं और स्थानीय संस्कृति का समावेश

पार्क में उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में मुख्य प्रवेश द्वार, योग डेक, मूर्तिकला, गज़ीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच, कैंटीन, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षा रेलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह पार्क परिवारों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन गया है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और प्रयास

एमडीडीए की ओर से विकसित जल-सृष्टि पार्क, सिटी फॉरेस्ट के बाद आम जनता के लिए एक और पर्यावरणीय तोहफा माना जा रहा है। जौहड़ और पुराने जलस्रोत के पुनर्जीवन से क्षेत्र की सुंदरता बढ़ी है, और जल संरक्षण तथा स्थानीय पारिस्थितिकी को भी मजबूती मिली है।

विकास में हरियाली और जल संरक्षण की प्राथमिकता

इस परियोजना का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि जलस्रोत का संरक्षण, जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण और आमजन को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है। एमडीडीए भविष्य में भी ऐसे परियोजनाओं को प्राथमिकता देता रहेगा, जो शहर के प्राकृतिक संसाधनों और हरित क्षेत्रों को संरक्षित करने में मदद करें।

यदि आप इस परियोजना के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें

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