देहरादून: बाढ़ प्रभावितों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर दी ज्ञापन, निर्माण और मुआवजे की माग
देहरादून दून के बाढ़ और पुश्ता (तटबंध) टूटने से प्रभावित परिवारों ने सोमवार को ‘बस्ती बचाओ आंदोलन’ के अंतर्गत डीएम देहरादून कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़ितों को…
देहरादून: बाढ़ प्रभावितों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर दी ज्ञापन, निर्माण और मुआवजे की माग
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कम शब्दों में कहें तो, दून क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों ने सोमवार को 'बस्ती बचाओ आंदोलन' के तहत ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने तुरंत राहत और स्थायी तटबंध निर्माण की मांग की।
देहरादून में बाढ़ और पुश्ता (तटबंध) टूटने से प्रभावित परिवारों ने सोमवार को 'बस्ती बचाओ आंदोलन' के अंतर्गत डीएम कार्यालय का दौरा करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने तुरंत राहत सामग्री, पारदर्शी मुआवजा वितरण, और क्षतिग्रस्त तटबंधों के स्थायी निर्माण की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में संयोजक अनन्त आकाश, विप्लव अनन्त, शहजादी, साहिन, फुरकाना, मेसर, फरीदा, कमरजहां, मजलूम, असरून, इकराम, तौफिका, सुशीला, इकबाल, हिदायत, सोनी, इसराईफल, बसन्त कुमार, शबनम सहित कई प्रभावित लोग शामिल थे।
क्षेत्रों में बाढ़ से तबाही
ज्ञापन में बताया गया है कि गांधीग्राम, लोहियानगर, ब्रह्मपुरी, देवर्षि एन्क्लेव, खुडबुडा मोहल्ला, और संगम विहार जैसे क्षेत्रों में बाढ़ के कारण भारी तबाही हुई है। प्रभावितों के अनुसार, जिले में 3 भवन पूरी तरह से और 136 आवास आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांगें
प्रभावित परिवारों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- तत्काल सर्वेक्षण एवं राहत: प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वेक्षण कराते हुए पीड़ितों को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
- पारदर्शी मुआवजा वितरण: मुआवजा वितरण राजनीतिक दलों या जनप्रतिनिधियों के माध्यम से न होकर केवल राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाए। विभिन्न दरों पर मुआवजा निर्धारित किया जाए।
- पुराने मामलों का निस्तारण: उन परिवारों का मुआवजा शीघ्र निस्तारित किया जाए, जो पिछले कई महीनों से किराए के मकानों में रह रहे हैं।
- पुश्ता निर्माण/मरम्मत: क्षतिग्रस्त पुश्तों के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
ज्ञापन में कांवली रोड की स्थिति में सुधार की भी मांग की गई है। ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट तिवारी द्वारा लिया गया, जिन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
इस ज्ञापन के माध्यम से, 'बस्ती बचाओ आंदोलन' बाढ़ के पीड़ितों के पुनर्वास और सुरक्षित तटीय क्षेत्रों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की कोशिश कर रहा है। संयोजक अनन्त आकाश ने मुख्यमंत्री, जिलाधीश और मेयर को अलग-अलग ज्ञापन देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रभावित परिवारों की सूची
संलग्न प्रभावित परिवारों की सूची में गांधीग्राम से 5, संगम विहार से 4, लोहियानगर/ब्रह्मपुरी/निरंजनपुर से 7, देवर्षि एन्क्लेव से 5 और खुडबुडा मोहल्ला से 2 परिवार शामिल हैं। इनमें हिदायत, रहीम, तस्लीमा, अनवरी बेगम, तोफिका, हेमादेवी, पूजा सोनकर, अनिता सोनी, अशोक कुमार सोनी, मैहसूर खातून, शहजादी, शाहिन, इकराम, अकबर अली, फुरकाना, बुन्दिया, हुसनजहां, मौ. तारिफ/आसिफ, शत्रु साहनी, रामतेज यादव, मौ. असलम, असरून खातून, सुनीता देवी और बसंत कुमार सिंह जैसे पीड़ित परिवार शामिल हैं।
सभी प्रभावित परिवारों के लिए हम आशा करते हैं कि उनकी मांगों का सही समाधान हो ताकि वे अपनी जिंदगी फिर से सामान्य कर सकें।
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Team Netaa Nagari - Suman Verma
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