दून में बिल्डर पर जीएसटी का शिकंजा: 12.50 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला
Rajkumar Dhiman, Dehradun: राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) ने देहरादून में फ्लैट निर्माण और बिक्री से जुड़ी एक बिल्डर फर्म के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। फर्म की जांच में 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता का भुगतान नहीं किया जाना सामने आया। विभाग के अनुसार, फर्म ने फ्लैट की बिक्री पर … The post दून में बिल्डर पर जीएसटी का शिकंजा, 12.50 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी appeared first on Round The Watch.
दून में बिल्डर पर जीएसटी का शिकंजा: 12.50 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला
राजकुमार धिमान, देहरादून: राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) ने देहरादून स्थित एक बिल्डर फर्म के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। जांच में यह खुलासा हुआ कि फर्म ने 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता का भुगतान नहीं किया है। विभाग का कहना है कि फर्म ने फ्लैटों की बिक्री पर देय कर का भुगतान निर्माण सामग्री की खरीद पर उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के समायोजन से किया, जबकि जीएसटी अधिनियम के तहत यह भुगतान नकद रूप में किया जाना चाहिए था। जांच के दौरान, फर्म के प्रतिनिधियों ने अनियमितताओं को स्वीकार किया और मौके पर 2.25 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए।
जांच की प्रक्रिया और इसके परिणाम
यह कार्रवाई आयुक्त कर उत्तराखंड प्रतीक जैन के निर्देश पर की गई। संयुक्त आयुक्त अजय सिंह की अगुवाई में एसआइबी की एक टीम ने बिल्डर फर्म के व्यापार स्थल एवं परिसर की गहनता से जांच की। इस दौरान जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया और संबंधित फ्लैट निर्माण परियोजना से जुड़े दस्तावेजों को भी जुटाया गया। एसआइबी ने रेरा, एमडीडीए, तथा जिलाधिकारी देहरादून के खनन विभाग से संबंधित अभिलेख, प्रमाण पत्र और सूचनाएं भी हासिल कीं। इन सभी दस्तावेजों और जीएसटी आंकड़ों के मिलान के बाद कर भुगतान में अनियमितता का खुलासा हुआ।
12.50 करोड़ रुपये की कर देनदारी और रिकॉर्ड जब्ती
जांच के दौरान फर्म के निदेशक, विधिक सलाहकार और अन्य प्रतिनिधियों से कर देयता के भुगतान को लेकर विस्तार से पूछताछ की गई। विभाग के अनुसार, प्रतिनिधियों ने स्वीकार किया कि कर भुगतान में चूक हुई है और उन्होंने निर्धारित कर का नकद भुगतान करने पर सहमति जताई। इसके परिणामस्वरूप, 2.25 करोड़ रुपये का भुगतान मौके पर ही राजकोष में जमा कराना पड़ा। फिर भी, फर्म के निदेशकों ने इस तरह सामने आई 12.50 करोड़ रुपये की शेष कर देयता के लिए और समय मांगा है।
अतिरिक्त कार्रवाई के तहत अन्य कंपनियाँ
एसआइबी के देहरादून इकाई ने इस कार्रवाई के दौरान एक कन्फेक्शनरी फर्म के मामले में भी गलत आईटीसी के लाभ लेने का मामला पकड़ा। इस जांच में भी संबंधित फर्म ने मौके पर 1 करोड़ रुपये राजकोष में जमा किए। इस प्रकार, दूसरी आउटिंग में एसआइबी ने दोनों मामलों में कुल 3.25 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए हैं।
टीम की सक्रियता
इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में डिप्टी कमिश्नर सुरेश कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर कृष्ण कुमार, टीआर चान्याल, अलिशा बिष्ट, कंचन थापा और असद अहमद समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक बिल्डर फर्म पर जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत 12.50 करोड़ रुपये की कर देयता को लेकर कार्रवाई की गई है, जिसमें फर्म के प्रतिनिधियों ने कर भुगतान की अनियमितता स्वीकार की है। इस मामले में पूरी प्रक्रिया जारी है और स्थिति को लेकर आगे की कार्यवाही की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.
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हस्ताक्षर: दीप्ति शर्मा, टीम Netaa Nagari
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