पौड़ी में बीडीओ को कमरे में बंद कर धमकाने का मामला, ज्येष्ठ उप प्रमुख पर गंभीर आरोप
Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू ब्लॉक से प्रशासनिक गलियारों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। खंड विकास अधिकारी (BDO) ने ज्येष्ठ उप प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना श्रीनगर में शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। आरोप है कि शासकीय फाइल के भुगतान को लेकर उन पर अनुचित … The post पौड़ी में बीडीओ को कमरे में बंद कर धमकाया, ज्येष्ठ उप प्रमुख पर लगे गंभीर आरोप appeared first on Round The Watch.
पौड़ी में बीडीओ को कमरे में बंद कर धमकाने का मामला, ज्येष्ठ उप प्रमुख पर गंभीर आरोप
राजकुमार धिमान, उत्तराखंड: पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू ब्लॉक से एक गंभीर प्रशासनिक केस सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। खंड विकास अधिकारी (BDO) अमित बिजल्वाण ने ज्येष्ठ उप प्रमुख नितिन रावत के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रार्थना पत्र प्रस्तुत की है। उनके आरोप हैं कि सरकारी फाइल के भुगतान के मामले में उन्हें अनुचित और अवैध दबाव में रखा गया, और विरोध करने पर उन्हें कमरे में बंद कर धमकाने का प्रयास किया गया।
कम शब्दों में कहें तो, यह मामला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की शक्ति को ध्वस्त करता है, बल्कि एक लोक सेवक के लिए भय और खतरे का निर्माण भी करता है। इस प्रकरण ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलचलों को भी जन्म दिया है।
7 अप्रैल 2026 को खंड विकास अधिकारी के कार्यालय के सहायक लेखाकार के साथ बीडीओ को ब्लॉक प्रमुख कार्यालय में बुलाया गया। नितिन रावत द्वारा बीडीओ पर एक बेंच कार्य से संबंधित फाइल के भुगतान के लिए दबाव डाला गया। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि फाइल को नियमों के अनुसार संसोधित किया गया था और भुगतान केवल शासनादेशों तथा नियमों के अनुरूप ही किया जा सकता है।
शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि जब बीडीओ ने नियमों के अनुसार भुगतान के लिए इनकार किया, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। ज्येष्ठ उप प्रमुख ने पहले अभद्रता की और उसके बाद सहायक लेखाकार को कमरे से बाहर भेज दिया। इस घड़ी में, बीडीओ को कमरे के भीतर अवैध रूप से रोकने का काम किया गया, जिससे उन पर दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धमकी दी गई कि “मैं छात्र संघ राजनीति से आया हूं, तुम्हें देख लूंगा।”
यह घटना एक लोक सेवक के वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने, अवैध लाभ लेने के लिए दबाव बनाने और शासकीय कार्यों में परेशानी उत्पन्न करने के दायरे में आती है। बीडीओ ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना), 351 (आपराधिक धमकी), 352 (जानबूझकर अपमान), एवं 127 (अवैध निरुद्ध करना) समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, बीडीओ ने अपनी सुरक्षा और कार्यालय स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। शिकायत की एक कॉपी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी गढ़वाल को भी भेजी गई है। यह प्रकरण प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल का कारण बन गया है, और सबकी निगाहें अब पुलिस एवं जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं।
विकास सेवा संगठन का समर्थन
प्रादेशिक विकास सेवा संगठन ने बीडीओ के पक्ष में खड़े होते हुए ज्येष्ठ उप प्रमुख के व्यवहार की कड़ी निंदा की है। संगठन के अध्यक्ष भरत चंद्र भट्ट ने जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र लिखकर मामले में सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले ने पौड़ी जिले के प्रशासनिक माहौल को स्थिरता से हिलाकर रख दिया है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग किस प्रकार के कदम उठाएंगे। सरकारी तंत्र पर यह न केवल एक परीक्षा है, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार से निपटने में कितनी दृढ़ता है।
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टीम नेटा नगरि, प्रिया रानी
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