टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस: श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा जारी, धामी सरकार की मेहनत पर रेलवे की सुस्ती

टनकपुर-: Op Agnihotri उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर सिखों के पवित्र धाम तख्त श्री हज़ूर साहिब (नांदेड़ साहिब) के लिए टनकपुर से सीधी रेल सेवा शुरू करने की घोषणा तो हो गई, लेकिन ज़मीनी हकीकत अब भी इंतज़ार में अटकी हुई है।मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर […] Source

Apr 19, 2026 - 00:37
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टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस: श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा जारी, धामी सरकार की मेहनत पर रेलवे की सुस्ती
टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस: श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा जारी, धामी सरकार की मेहनत पर रेलवे की सुस्ती

टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस: श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा जारी, धामी सरकार की मेहनत पर रेलवे की सुस्ती

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कम शब्दों में कहें तो, टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस रेलवे सेवा की घोषणा के तीन महीने बीतने के बावजूद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री की पहल, लेकिन रेलवे की धीमी चाल

टनकपुर, उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिखों के पवित्र धाम तख्त श्री हज़ूर साहिब (नांदेड़ साहिब) के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की थी। इस पर केंद्र सरकार ने सहमति जताई थी, और मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। लेकिन, इसके बावजूद टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस आज भी पटरी पर नहीं चढ़ी है।

श्रद्धालुओं का इंतज़ार

तीन महीने से शाही रेलवे स्टेशन पर खड़े रेल कोच अब श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उस सेवा का इंतज़ार कर रहे हैं, जो उन्हें उनके धार्मिक स्थल तक पहुँचाने का आश्वासन देती है। यह स्थिति न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी चिंता का कारण बन गई है।

सरकार की कार्रवाई पर सवाल

हालाँकि, धामी सरकार ने इस सेवा को शुरू करने के लिए कई प्रयास किए हैं, लेकिन रेलवे विभाग की धीमी गति ने इस घोषणा को कागज़ों तक सीमित कर दिया है। सरकार द्वारा मिले निर्देशों के बावजूद, रेलवे की कार्रवाई में सुस्ती दिखाई दे रही है।

भविष्य में, यदि रेलवे तंत्र में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या और भी बढ़ सकती है। राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्तर पर कुछ कार्रवाई होना जरूरी है ताकि श्रद्धालुओं की इस प्रतीक्षा को समाप्त किया जा सके।

क्या हो सकता है समाधान?

इसके समाधान के लिए यह आवश्यक है कि मुख्यमंत्री धामी और रेलवे मंत्री का समन्वय बेहतर हो। यह देखना होगा कि क्या सरकार अपनी घोषणाओं को तेजी से लागू कर सकती है या इसके लिए अधिक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। ऐसे में संभावित योजना यह हो सकती है कि समयबद्ध तरीके से एक समिति गठित की जाए, जो इस मामले की समीक्षा करे और रेल सेवा को जल्द शुरू करने का मार्ग दिखाए।

इस पूरे घटनाक्रम पर आम जनता और श्रद्धालु अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार इस मुद्दे को हल कर पाएगी या श्रद्धालुओं को इसी तरह इंतज़ार करना पड़ेगा।

सरकारी प्रयास और रेलवे की स्थिति पर नजर रखने के लिए जुड़े रहिए। अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.

Team Netaa Nagari, प्रियंका शर्मा

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