एमडीडीए की अवैध निर्माण पर जबरदस्त कार्रवाई
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) 31 अगस्त 2026 *ऋषिकेश-डोईवाला में तीन भवन सील, स्वीकृत नक्शे से विचलन और बिना अनुमति
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा
कम शब्दों में कहें तो मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने ऋषिकेश और डोईवाला में तीन अनधिकृत भवनों को सील किया है, जो स्वीकृत नक्शे से विचलन और बिना अनुमति के अनुसार थे।
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देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हाल ही में अवैध और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। यह कदम 31 अगस्त 2026 को उठाया गया, जब प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश तथा डोईवाला क्षेत्र में तीन अलग-अलग मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। इनमें से दो मामलों में निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया जा रहा था, जबकि एक मामले में बिना किसी स्वीकृति के ही काम चलाया जा रहा था। इस कदम ने निर्माणकर्ता समुदाय में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आकांक्षी नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
एमडीडीए के अधिकारियों के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है। यदि निरीक्षण के दौरान स्वीकृत मानचित्र से कोई विचलन मिलता है या यदि कोई निर्माण बिना स्वीकृति के हो रहा है, तो उस पर उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ऋषिकेश में चल रही कार्रवाई
ऋषिकेश के गली नंबर-10, मनीराम रोड में जयप्रकाश द्वारा स्वीकृत मानचित्र से विचलन करते हुए अवैध निर्माण किया गया था। जांच में यह अनधिकृत निर्माण सामने आने पर प्राधिकरण की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और भवन को सील कर दिया।
इसी तरह निर्मल ब्लॉक-बी, ऋषिकेश में ओम प्रकाश पना के भवन पर भी आक्रामक कार्यवाही की गई। यहां बेसमेंट/भूतल पर अवैध तरीके से पहले से संचालित दुकानों के ऊपर बनाए जा रहे निर्माण को स्वीकृती के विपरीत पाया गया और सील कर दिया गया।
डोईवाला में बिना नक्शे के निर्माण
डोईवाला के दुधली रोड पर अनिल पॉचाल विश्वकर्मा द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध निर्माण किया जा रहा था। इस मामले में भी प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील करने की प्रक्रिया की।
सख्त कानूनों का पालन आवश्यक
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानचित्र से विचलन करना या बिना मानचित्र बनाए कार्य करना नियमों का उल्लंघन है। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जिन स्थानों पर अनियमितता पाई जाती है, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके माध्यम से वह देहरादून, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
निर्माणकर्ताओं और भवन स्वामियों के लिए गाइडलाइन
बंशीधर तिवारी ने भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि वे निर्माण कार्य आरंभ करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कराएं। अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग और अन्य वैधानिक कदम शामिल हैं।
अभियान की निरंतरता
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने निर्माणकर्ताओं से अनुरोध किया कि वे सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर सुनिश्चित करें कि उनका निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप हो। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी चलाया जाएगा।
इस प्रकार, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के अपने संकल्प को दृढ़ता से प्रस्तुत किया है, जिससे निर्माण क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत प्रसारित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों को भी सजग रहना चाहिए ताकि वे अवैध निर्माण से बच सकें।
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साइन- टीम नेटाआ नगरी स्वाति शर्मा
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