उत्तराखंड सीबीसीआईडी ने धेनु ग्रुप के फरार अभियुक्त डीपी तिवारी को आगरा से गिरफ्तार किया
देहरादून उत्तराखण्ड पुलिस अपराध अनुसंधान शाखा (सीबीसीआईडी), सेक्टर देहरादून ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹50,000 के ईनामी फरार अभियुक्त देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को आगरा, उत्तर प्रदेश से…
उत्तराखंड सीबीसीआईडी ने धेनु ग्रुप के फरार अभियुक्त डीपी तिवारी को आगरा से गिरफ्तार किया
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा (सीबीसीआईडी) ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए ₹50,000 के ईनामी फरार अभियुक्त देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को आगरा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी धेनु ग्रुप द्वारा की गई बड़ी धोखाधड़ी के मामले में की गई है, जिसमें निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर आरोपी फरार हो चुका था।
देवेन्द्र प्रकाश तिवारी की गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
सीबीसीआईडी ने देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत, निरीक्षक वेद प्रकाश थपलियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड एसटीएफ और कानपुर एसटीएफ के साथ मिलकर काम किया गया। 6 मई 2026 को थाना डोकी, आगरा क्षेत्र में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान तिवारी को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले 6 वर्षों से अपने अपराधों के चलते पुलिस से逃 रहा था।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद, आरोपी को हरिद्वार में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बढ़ती सूचना के अनुसार, इस मामले में तिवारी के खिलाफ विभिन्न जनपदों में एक दर्जन से अधिक धोखाधड़ी के मुकदमे पहले से ही पंजीकृत हैं।
धेनु ग्रुप में धोखाधड़ी का मामला
धेनु ग्रुप के नाम से संदर्भित कंपनियों की जांच के दौरान यह पाया गया कि इन कम्पनियों द्वारा निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। तिवारी कानपुर स्थित 'धेनु ग्रुप' की विभिन्न कंपनियों का निदेशक है। इसके पहले, उसके भाई अनिल कुमार तिवारी को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। अनिल को दिसम्बर 2025 में मुम्बई से पकड़ा गया था।
भविष्य में क्या होगा?
अब, चूंकि तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, सीबीसीआईडी इस मामले में आगे की जांच शरू करेगी और सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। यह एक सकारात्मक संकेत है जो निवेशकों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस मुद्दे पर जनता में जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे कि भविष्य में ऐसे धोखाधड़ी के मामलों से बचा जा सके। निवेशकों को सावधानी बरतने और अपनी पूंजी को कहाँ लगाना है, इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
इस तरह की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि न केवल सरकार बल्कि आम जनता को भी सतर्क रहना चाहिए, ताकि निवेशकों का धन सुरक्षित रखा जा सके।
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सादर,
टीम नेटआ नगरी
सुमन शर्मा
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