उत्तराखंड में युवाओं के कौशल विकास के लिए M3M फाउंडेशन और कौशल विभाग के बीच हुआ MoU
देहरादून उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Department of Skill Development and…
उत्तराखंड में युवाओं के कौशल विकास के लिए M3M फाउंडेशन और कौशल विभाग के बीच हुआ MoU
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के युवाओं का कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिससे राज्य में उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए Department of Skill Development and Employment, Uttarakhand और M3M Foundation के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह MoU मंगलवार को देहरादून में हुआ, जहां कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की ओर से संजय कुमार, निदेशक (प्रशिक्षण), प्रशिक्षण एवं सेवायोजन तथा M3M Foundation की ओर से डॉ. ऐश्वर्य महाजन, Managing Trustee एवं President ने हस्ताक्षर किए।
समारोह के दौरान चंद्रकांता (उप निदेशक सेवायोजन), निरंजन खुगशाल (उप निदेशक प्रशिक्षण), दिनकर रौतेला (प्रधानाचार्य श्रेणी-1, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान), विनीता बडोनी (Nodal Officer, UKSDM) एवं अरविंद कुमार शर्मा (M3M प्रतिनिधि) सहित अनेक अधिकारियों ने भाग लिया।
MoU का उद्देश्य
इस MoU का प्राथमिक लक्ष्य उत्तराखंड में एक सहयोगात्मक कौशल विकास ढांचा स्थापित करना है। इसके जरिए युवाओं को उद्योग की वर्तमान एवं उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल रोजगार क्षमताओं में सुधार, उद्योग संघों को विकसित करना, और स्थानांतरण अवसरों के साथ-साथ स्थायी आजीविका परिणामों को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
इस समझौते के प्रारंभिक चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर, और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी गई है, जबकि परियोजना की भौगोलिक एवं स्थानीय जरूरतों के अनुसार अल्मोड़ा और बड़कोट को भी शामिल किया जा सकता है।
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की योजना
प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आधुनिक एवं रोजगारपरक तकनीकी ट्रेडों को शामिल किया गया है। इन ट्रेंड्स में Junior Technician Electric Vehicle, Junior Technician Auto Electrical Maintenance, Junior Technician Automobile Repair Maintenance, Junior Technician – Internet of Things (IoT), और Junior Technician – Plumbing शामिल हैं।
हर प्रशिक्षण केंद्र के लिए स्थानीय औद्योगिक मांग के अनुरूप कम से कम दो पाठ्यक्रमों का चयन किया जाएगा। इसे सुनिश्चित करने के लिए कि प्रशिक्षण स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के प्रति उपयुक्त हो, उद्योग से निकटता बनाए रखना आवश्यक है। इस सहयोग के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
एक सार्थक परिवर्तन की दिशा में
इस संबंध में डॉ. पायल कनोडिया, Chairperson एवं Trustee, M3M Foundation ने कहा कि "उत्तराखंड में युवाओं को प्रासंगिक कौशल प्रदान करना और उन्हें रोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ना इस साझेदारी का मूल उद्देश्य है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह सहयोग कौशल विकास को अधिक उद्योग-केंद्रित और परिणाम-उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह साझेदारी न केवल कौशल के विकास को प्रेरित करेगी बल्कि रोजगार के बेहतर अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। किसी भी क्षेत्र में यह सुनिश्चित करना कि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए, राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।
सरकारी प्रयासों और सामाजिक क्षेत्र की भागीदारी से इस समझौते का प्रभावी कार्यान्वयन होना अपेक्षित है, ताकि युवाओं के लिए प्रशिक्षण, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को प्रभावी बनया जा सके।
अत: यह MoU युवा विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा और उत्तराखंड में शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिक जानकारी और दैनिक अपडेट के लिए कृपया Netaa NagariTeam Netaa Nagari - प्रिया शर्मा
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