आईएमए में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट की मौत, दौड़ के समय बिगड़ी तबीयत
Round The watch News: भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में प्रशिक्षण ले रहे हरियाणा के झज्जर निवासी 21 वर्षीय कैडेट निशांत धनखड़ की उपचार के दौरान मौत हो गई। लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित निशांत 10 जुलाई को आईएमए पहुंचे थे। नौ अगस्त को प्रशिक्षण के दौरान दौड़ लगाते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और … The post आईएमए में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट की मौत, दौड़ के दौरान बिगड़ी थी तबीयत appeared first on Round The Watch.
आईएमए में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट की मौत, दौड़ के समय बिगड़ी तबीयत
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कम शब्दों में कहें तो, भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में प्रशिक्षण ले रहे 21 वर्षीय कैडेट निशांत धनखड़ की हालिया निधन की घटना ने एक बार फिर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
हरियाणा के झज्जर निवासी कैडेट निशांत धनखड़, जो कि लेफ्टिनेंट पद के लिए चयनित हुए थे, 10 जुलाई को आईएमए पहुँचे थे। उन्हें 9 अगस्त को प्रशिक्षण के दौरान दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते वे बेहोश हो गए। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पहले सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर इलाज के लिए दिल्ली स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल भेजा गया, जहां 15 अगस्त को उनका निधन हो गया।
निशांत का अंतिम संस्कार और पारिवारिक पृष्ठभूमि
निशांत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कासनी लाया गया। वहाँ पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। निशांत एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से थे; उनके दादा, राम सिंह, सेना में सेवा दे चुके थे, और परिवार के अन्य सदस्य भी सशस्त्र बलों में कार्यरत हैं। उनकी बहन अंशिता धनखड़ वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर हैं। उनके पिता, जो डाक विभाग में पोस्टमैन थे, का तीन साल पहले निधन हो गया था।
आईएमए में पहले भी जानलेवा घटनाएँ
आईएमए में प्रशिक्षण के दौरान किसी कैडेट की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं। सितंबर 2025 में केरल के तिरुवनंतपुरम निवासी 33 वर्षीय कैडेट एस. बालू की स्विमिंग ड्रिल के दौरान डूबने से मौत हो गई। इसी तरह, मई 2019 में हरियाणा के करनाल निवासी कैडेट अमुल रावल की नाइट नेविगेशन अभ्यास के दौरान गहरी खाई में गिरकर मौत हो गई थी।
अगस्त 2017 में भी 10 किलोमीटर की क्रॉस-कंट्री दौड़ के दौरान सात कैडेटों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिनमें से दीपक शर्मा और नबीन कुमार छेत्री की मौत हो गई थी। आईएमए ने तब बताया था कि उनकी मौत का कारण अत्यधिक थकान और निर्जलीकरण हो सकता है।
निशांत की मौत पर उठे सवाल
निशांत की मौत ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों की शारीरिक क्षमता, प्रशिक्षण की कठोर परिस्थितियों और आपात चिकित्सा सहायता की तात्कालिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आवश्यक उपायों और सुधारों की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना ने सैन्य संस्थानों के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की मांग भी तेज कर दी है। कैडेटों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है, ताकि उनका प्रशिक्षण सुरक्षित और सफल हो सके।
इस प्रकार की घटनाओं ने शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नए सिरे से देखने की आवश्यकता को उजागर किया है, ताकि नए कैडेटों को उचित मार्गदर्शन और सुरक्षा मिल सके।
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Team Netaa Nagari
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