सोमवती अमावस्या: एसडीआरएफ की सुरक्षा ड्यूटी और लापता व्यक्तियों की खोज अभियान

  बिछड़े बालक को परिजनों से मिलाया* आज सोमवती अमावस्या के अवसर पर एसडीआरएफ द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र के समस्त प्रमुख

Jun 16, 2026 - 09:37
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सोमवती अमावस्या: एसडीआरएफ की सुरक्षा ड्यूटी और लापता व्यक्तियों की खोज अभियान
सोमवती अमावस्या: एसडीआरएफ की सुरक्षा ड्यूटी और लापता व्यक्तियों की खोज अभियान

सोमवती अमावस्या: एसडीआरएफ की सुरक्षा ड्यूटी और लापता व्यक्तियों की खोज अभियान

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कम शब्दों में कहें तो, आज सोमवती अमावस्या पर एसडीआरएफ ने ऋषिकेश के सभी प्रमुख घाटों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा ड्यूटी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

आज सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर एसडीआरएफ द्वारा ऋषिकेश में सुरक्षा और रेस्क्यू ड्यूटी का विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एसडीआरएफ, टीआरएफ (टीयर रिस्क फोर्स), जल पुलिस और आपदा राहत दल की टीमें विभिन्न घाटों पर तैनात की गईं। टीमें न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करती रहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी देती रहीं। SRDF Duty Image

साथ ही, एसडीआरएफ की विभिन्न टीमों ने पिछले दिनों गंगा नदी में लापता हुए व्यक्तियों की खोज के लिए व्यापक सर्च अभियान भी चलाया। उदाहरण के लिए, एसडीआरएफ ने शिवपुरी क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे राहुल चौहान की खोज के लिए संभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया। साथ ही, चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में एक दंपति की खोज भी की गई।

इसके अतिरिक्त, फूलचट्टी क्षेत्र में गंगा नदी में लापता शैलेन्द्र महावी के लिए भी खोज अभियान चलाया गया। Search Operation

सर्च अभियान के दौरान एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर मौजूद सभी लापता व्यक्तियों के परिजनों के साथ समन्वय बनाया। हालाँकि, अभी तक किसी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है, लेकिन एसडीआरएफ ने आश्वासन दिया है कि खोज अभियानों को जारी रखा जाएगा।

सोमवती अमावस्या मेले के दौरान, त्रिवेणी घाट पर एक बिछड़े हुए बालक को उसके परिजनों से मिलाने का एक उदाहरण सामने आया। अमर नाम का यह बच्चा अपनी नानी के साथ आगरा से आया था और मेले की भीड़ में बिछड़ गया था।

टीम ने बालक को सुरक्षित रूप से अपने संरक्षण में लिया और उसके परिजनों को खोजने का कार्य प्रारंभ किया। अंततः कई प्रयासों के बाद, बालक को उसके माता-पिता के पास सकुशल पहुंचाया गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली और एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल की टीमों का आभार व्यक्त किया।

एसडीआरएफ उत्तराखंड के सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि नदी किनारे सावधानी बरतें। केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर स्नान करें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। एसडीआरएफ जनसुरक्षा एवं आपदा राहत कार्यों के लिए हमेशा तत्पर और प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर, हम एसडीआरएफ द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हैं जो एक महत्वपूर्ण दिन पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, हमारे वेबसाइट पर जाएँ: https://netaanagari.com.

सादर,
श्रीमती नंदिनी,
टीम नेटाअगरि

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