रिस्पना नदी के पुनर्जीवन में नई शुरुआत, डीएम ने गठित की टास्कफोर्स; 7 दिन में मांगा विस्तृत कार्य योजना

  *रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशनः डीएम* *देहरादून, दिनांक

Jun 27, 2026 - 18:37
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रिस्पना नदी के पुनर्जीवन में नई शुरुआत, डीएम ने गठित की टास्कफोर्स; 7 दिन में मांगा विस्तृत कार्य योजना
रिस्पना नदी के पुनर्जीवन में नई शुरुआत, डीएम ने गठित की टास्कफोर्स; 7 दिन में मांगा विस्तृत कार्य योजना

रिस्पना नदी के पुनर्जीवन में नई शुरुआत, डीएम ने गठित की टास्कफोर्स; 7 दिन में मांगा विस्तृत कार्य योजना

कम शब्दों में कहें तो: रिस्पना नदी का पुनर्जीवन सरकारी अभियान ही नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मिशन है।

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स्रोत: Netaa Nagari

देहरादून, दिनांक 27 जून 2026 (सूवि) - आज जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रिस्पना नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के विषय में बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नदी के पुनर्जीवन के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने के लिए निर्देशित करना था।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन है जिसमें जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अनुशासन और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करवाने के निर्देश दिए। रिस्पना नदी

बैठक में नगर निगम को हर जगह गिरने वाले नालों और गार्बेज प्वाइंट्स का चिन्हीकरण करने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही, रिस्पना नदी के लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र का ड्रोन सर्वेक्षण एवं जांच करने की योजना बनाई गई, ताकि प्रत्येक स्थान पर कूडे़ की मात्रा और सफाई व्यवस्था का सही आंकलन किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया का विस्तृत प्रस्ताव 7 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने की मांग की गई है।

सिंचाई विभाग को नदी किनारे घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू करने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। इसी तरह, लोक निर्माण विभाग को नदी तटों पर आने वाली संरचनाओं की तकनीकी योजना तैयार करने के लिए कहा गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से एक प्रभावी टास्कफोर्स गठित की जाए। उन्होंने कहा कि नदी में कूड़ा गिरने की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब आम जनता में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाना आवश्यक है ताकि नागरिकों और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा सके।

नगर पालिका मसूरी को निर्देश दिए गए कि वे मसूरी क्षेत्र में रिस्पना नदी के हिस्सों की नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने दें। वन विभाग को पुनराावरण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए व्यापक वृक्षारोपण योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर भी चर्चा की। अल्पकालिक योजना के तहत नदी के आसपास जमा कूड़े का तुरंत उठान और गार्बेज प्वाइंट्स का उन्मूलन प्राथमिकता में रखा गया है। दीर्घकालिक योजना में घाट निर्माण, नदी तटों का सौंदर्यीकरण और हरित विकास पर जोर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर मजिस्टेªट आशीष तिवारी, और कई अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे।

टीम नेटा नागरी

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