अल्मोड़ा के रवि टम्टा की ऐतिहासिक उड़ान - भारत की पहली उड़ने वाली कार का सफल परीक्षण!
देहरादून उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके भारत की पहली स्वदेशी सिंगल-सीटर उड़ने वाली कार (पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल) का सफल उड़ान…
अल्मोड़ा के रवि टम्टा की ऐतिहासिक उड़ान - भारत की पहली उड़ने वाली कार का सफल परीक्षण!
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने भारत की पहली स्वदेशी सिंगल-सीटर उड़ने वाली कार का सफल परीक्षण किया है। इस शानदार उपलब्धि पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बधाई दी है।
भारत की पहली उड़ने वाली कार: हपिडा स्काईनेक्स
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके अपने स्टार्टअप 'हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड' के तहत 'हपिडा स्काईनेक्स' नामक एक स्वदेशी सिंगल-सीटर उड़ने वाली कार (पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल) का सफल उड़ान परीक्षण किया। अगस्त 2026 में, अल्मोड़ा के एक मैदान में प्रशासनिक और सुरक्षा इंतजामों के बीच, रवि ने स्वयं इस वाहन में बैठकर एक लाइव डेमो दिया। यह उड़ान न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसने इतिहास भी रचा।
मुख्य विशेषताएँ और उद्देश्य
हपिडा स्काईनेक्स एक पूरी तरह से बिजली से चलने वाला eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक ऑफ एंड लैंडिंग) पर्सनल एयर व्हीकल है, जिसमें एक व्यक्ति के बैठने की जगह है। इसे मल्टी-रोटर ड्रोन तकनीक के आधार पर डिजाइन किया गया है, जिसमें हवा में संतुलित रहने के लिए 8 रोटर्स लगे हैं। रवि टम्टा के अनुसार, इस इनोवेशन का मुख्य उद्देश्य विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को सुधारना है।
रवि ने बताया कि पहाड़ों पर 40 किलोमीटर का सफर घुमावदार रास्तों पर तय करने में लगभग 90 मिनट लगते हैं, जबकि उनकी उड़ने वाली कार से इसे महज 10 से 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
उपलब्धियों की यात्रा
रवि और उनकी टीम ने इंटरनेट की मदद से शोध करते हुए और देश-विदेश से आवश्यक उपकरण जुटाकर लगभग 1 वर्ष की मेहनत के बाद इस प्रोटोटाइप को बनाया है। हालांकि, रवि ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रारंभिक मॉडल है, जिसे पूरी तरह व्यावसायिक उपयोग के लिए और अधिक परीक्षणों, सुरक्षा सुधारों और सरकारी मंजूरी की आवश्यकता होगी।
रवि टम्टा के अन्य इनोवेशन
अल्मोड़ा के काफलीखान गांव के निवासी रवि टम्टा पहले भी कई अद्वितीय आविष्कारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने चलते समय पैर के दबाव से मोबाइल चार्ज करने की तकनीक, वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जीपीएस से लैस विशेष स्टिक, और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से चार्ज करने का सिस्टम विकसित किया है। उनके अन्य आविष्कारों में बांस काटने की मशीन और टायर पंचर का विशेष लिक्विड सॉल्यूशन भी शामिल हैं।
सीएम धामी की प्रशंसा
इस ऐतिहासिक परीक्षण के उपरांत, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से रवि को विशेष बधाई प्रेषित की है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी इस उपलब्धि पर अपने विचार साझा किए हैं।
रवि टम्टा की इस नवाचार ने न केवल भारत के लिए नई संभावनाएँ खोली हैं, बल्कि युवा इनोवेटरों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनकर उभरी है। यह कदम भारत को तकनीकी क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर पहुँचाने का कार्य करेगा।
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