गैरसैंण की स्थायी राजधानी की मांग को लेकर जनता में उबाल - देहरादून में विशाल मुंडन विरोध प्रदर्शन, 15 अगस्त से शुरू होगी ऐतिहासिक पदयात्रा

देहरादून उत्तराखंड की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ रही ‘स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति’ ने आज राज्य सरकार की हठधर्मिता और जनभावनाओं की अनदेखी के खिलाफ उग्र…

Aug 14, 2026 - 00:37
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गैरसैंण की स्थायी राजधानी की मांग को लेकर जनता में उबाल - देहरादून में विशाल मुंडन विरोध प्रदर्शन, 15 अगस्त से शुरू होगी ऐतिहासिक पदयात्रा
गैरसैंण की स्थायी राजधानी की मांग को लेकर जनता में उबाल - देहरादून में विशाल मुंडन विरोध प्रदर्शन, 15 अगस्त से शुरू होगी ऐतिहासिक पदयात्रा

गैरसैंण की स्थायी राजधानी की मांग को लेकर जनता में उबाल

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की 'स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति' ने देहरादून विधानसभा के बाहर गहरा विरोध प्रदर्शन रिकॉर्ड किया, जिसमे सामूहिक मुंडन कर प्रशासन की हठधर्मिता और जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए अपनी भड़ास निकाली। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, 15 अगस्त से देहरादून से गैरसैंण की ओर चलने वाली ऐतिहासिक पदयात्रा की भी घोषणा की गई।

देहरादून में स्थायी राजधानी गैरसैंण के समर्थकों ने आज ऐतिहासिक सामूहिक मुंडन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस समिति ने उत्तराखंड के आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ाई छेड़ रखी है और सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ यह प्रदर्शन एक कड़ा संदेश है। समिति के सदस्यों ने कड़े शब्दों में कहा कि यह सरकार जनता का हक मारने वाली है और जब सरकार संवेदनशीलता खो चुकी है, तो मुंडन कराकर उसका विरोध करना एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए

इस अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन में समिति के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे। पूर्व IAS अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी, गोपाल दत्त कुमेड़ी, दुर्गा प्रसाद थपलियाल और अन्य सदस्यों ने अपने केश त्याग कर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। इस दौरान पार्थ रतूड़ी ने कहा कि हमने अतीत में कई प्रदर्शनों का आयोजन किया, लेकिन सरकार, अधिकारियों और नेताओं को आम जन की पीड़ा का कोई ख्याल नहीं है।

आंदोलन की नई दिशा

समिति ने स्पष्ट किया है कि अब इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त को देहरादून से गैरसैंण के लिए ऐतिहासिक महा-पदयात्रा शुरू करने की घोषणा की है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा है कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सामूहिक मुंडन और उसके पीछे का संदेश

इस सामूहिक मुंडन के पीछे केवल एक विरोध का उद्देश्य है - अपनी आवाज उठाना। समिति ने यह स्पष्ठ किया कि यह फैसला केवल सरकार विरोधी नहीं है, बल्कि जन भावना के सम्मान की भी मांग करता है। उत्तराखंड की जनता को अब यह अहसास हो चुका है कि उन्हें अपने हक के लिए लड़ना होगा।

किसी भी तरह की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं

इस प्रदर्शन में शामिल सभी नेताओं ने कहा है कि अब सभी गैरसैंण प्रेमियों को एकजुट होना होगा। विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि लोग केवल सुविधाओं में रहकर जनता की पीड़ा को नहीं समझ सकते। ऐसा कोई आंदोलन नहीं होगा जो जन आकांक्षाओं को नजरअंदाज करे। पर्वतीय क्षेत्र की समस्याओं का समाधान अनिवार्य है।

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निष्कर्ष

गैरसैंण की स्थायी राजधानी की मांग अब केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रदेश की आत्मा से जुड़ी धड़कन बन चुकी है। इस दिशा में उठाए गए कदम न केवल सरकार की जिम्मेदारी को उजागर करते हैं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत को भी दर्शाते हैं। उत्तराखंड की जनता की आवाज को सुनना अत्यंत आवश्यक है।

इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जुड़े रहने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर आते रहें।

Team Netaa Nagari - साक्षी शर्मा

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