नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप: कलयुगी भाई गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा कलंक

  *नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में नामजद अभियुक्त को पौड़ी पुलिस ने किया गिरफ्तार।* दिनांक 02.06.2026 को वादी निवासी रिखणीखाल

Jun 9, 2026 - 00:37
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नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप: कलयुगी भाई गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा कलंक
नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप: कलयुगी भाई गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा कलंक

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप: कलयुगी भाई गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा कलंक

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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है।

दिनांक 02.06.2026 को, रिखणीखाल निवासी ने थाना रिखणीखाल में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। उस पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि उनके नाबालिग बेटी के साथ सोनू नामक युवक (जो उनका चचेरा भाई है) ने दुष्कर्म किया है। इस मामले में कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0–04/2026 के तहत धारा 64(1) बीएनएस और 5/6 पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस जांच शुरू होने के तुरंत बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी, श्री सर्वेश पंवार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किए।

पुलिस ने मामले का विवेचना आरंभ की और पीड़िता के बयान को दर्ज किया। साथ ही, घटनाक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की गई। एकत्र किए गए साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर, आरोपी सोनू उर्फ संजय की संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त संजय उर्फ सोनू को 07.06.2026 को कोटद्वार क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को माननीय न्यायालय में पेश किया गया और अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभियुक्त का विवरण:
संजय उर्फ सोनू (उम्र 22 वर्ष), निवासी - बूथानगर, रिखणीखाल जनपद पौड़ी गढ़वाल।

पुलिस टीम:
1. महिला उप निरीक्षक दीपिका बिष्ट
2. अपर उप निरीक्षक कैलाश जोशी
3. हेड कांस्टेबल रविंदर भोज

यह मामला समाज में एक कड़ी चेतावनी के रूप में उभरा है। इस घटना ने उत्तराखंड के गाँवों में बढ़ते अपराधों विशेषकर नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के प्रति चिंता को बढ़ा दिया है। हमें इस पर विचार करने की आवश्यकता है कि ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए क्या समाज में सुरक्षा और जागरूकता के उपाय किये जा सकते हैं।

इस प्रकरण में अब सवाल उठता है कि क्या हमारी न्याय व्यवस्था ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर पाएगी? क्या समाज में इस तरह के दुष्कर्म के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाने का समय नहीं आ गया है?

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएं: Netaa Nagari

सादर,
टीम Netaa Nagari
(नीतू वर्मा)

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