उत्तराखंड में तंबाकू कारोबारियों पर जीएसटी का बड़ा शिकंजा, 32 स्थलों पर छापेमारी से 8.5 करोड़ की वसूली
Round The Watch, Desk: उत्तराखंड में जीएसटी चोरी के खिलाफ राज्य कर विभाग ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाते हुए तंबाकू कारोबार से जुड़े 32 प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के पहले ही दिन विभाग ने संबंधित कारोबारियों से 8.5 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा करा दिए। विभाग का कहना है कि … The post उत्तराखंड में तंबाकू कारोबारियों पर जीएसटी का बड़ा शिकंजा, 32 ठिकानों पर छापे, 8.5 करोड़ जमा appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड में जीएसटी चोरी की रोकथाम, तंबाकू कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य में तंबाकू कारोबारियों पर जीएसटी चोरी के खिलाफ बड़ा और संगठित अभियान चलाया गया, जिसके चलते 32 प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की गई और 8.5 करोड़ रुपये की राशि तुरंत सरकारी खजाने में जमा कराई गई।
उत्तराखंड के राज्य कर विभाग ने जीएसटी के तहत हो रही चोरी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर की। आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के नेतृत्व में उन्होंने तंबाकू उत्पादों, जिसमें सिगरेट और पान मसाला शामिल हैं, के कारोबारियों को अपने निशाने पर लिया। राज्य कर विभाग की अन्वेषण शाखाओं ने पूरे प्रदेश में एक साथ यह कार्रवाई की, जिसमें देहरादून संभाग में 17, हरिद्वार में 3, रुद्रपुर में 3 और हल्द्वानी के 9 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
कार्यवाही के लिए 100 अधिकारियों की टीमें गठित
इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए संयुक्त आयुक्त (अनुसंधान) के मार्गदर्शन में 32 टीमों का गठन किया गया था, जिसमें लगभग 100 अधिकारियों ने भाग लिया। ये टीमें कारोबारी प्रतिष्ठानों के स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, कर भुगतान एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी थीं।
स्टॉक और लेखा अभिलेखों में मिलीं भिन्नताएँ
जांच के दौरान विभाग ने पाया कि कई प्रतिष्ठानों के स्टॉक रजिस्टर और लेखा अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां हैं। व्यापारियों ने जीएसटी अधिनियम-2017 को उल्लंघित करते हुए वास्तविक बिक्री कम दर्शाने का प्रयास किया, जिससे कर देयता से बचा जा सके। विभाग ने ऐसे मामलों में सबसे पहले संबंधित फर्मों के अभिलेखों को जब्त कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
भविष्य की कार्रवाई के लिए तैयार
राज्य कर विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित कारोबारियों से जीएसटी के तहत कर, ब्याज और जुर्माने की वसूली की जाएगी। फिलहाल इस कार्रवाई के पहले ही दिन 8.5 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कर लिए गए हैं, जो कि विभाग की सख्त कार्रवाई का संकेत है।
ईमानदार व्यापारियों का सहयोग
आयोग की आयुक्त प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया है कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता कर अपवंचन को रोकना और राजस्व बढ़ाना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जो व्यापारी ईमानदारी से कर का भुगतान करते हैं, उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस अभियान की सफलता से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार अपनी ओर से कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त है और यह समझौता नहीं करेगी। आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
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सादर, टीम नेटaa नागरी
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