कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू गिरफ्तार, गिरफ्तारी से बचने के लिए चल रहे थे फरार; झांसी से पुलिस ने दबोचा

44 आपराधिक मुकदमों में नामजद बताया गया मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू झांसी से गिरफ्तार, भतीजा बरेली से पकड़ा गया

Nov 7, 2026 - 18:37
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू गिरफ्तार, गिरफ्तारी से बचने के लिए चल रहे थे फरार; झांसी से पुलिस ने दबोचा

44 आपराधिक मुकदमों में नामजद बताया गया मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू झांसी से गिरफ्तार, भतीजा बरेली से पकड़ा गया

देहरादून, 7 नवंबर 2026।

देहरादून पुलिस ने फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एक महिला को चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू और उसके भतीजे सतेन्द्र राठौर को गिरफ्तार किया है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को यमुना कॉलोनी, चकराता रोड निवासी रेखा आर्य ने कोतवाली कैंट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने गिरधारी लाल साहू पर पूर्व से विवाहित होने के बावजूद उनसे विवाह करने, गाली-गलौच, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें विभिन्न कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया।

शिकायत के आधार पर कोतवाली कैंट में मुकदमा अपराध संख्या 158/26 के तहत भारतीय दंड विधान की संबंधित धाराओं तथा एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।

चार कंपनियों में फर्जी दस्तावेजों से निदेशक बनाने का आरोप

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण प्रथम के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। विवेचना के दौरान एसआईटी ने संबंधित ऑडियो क्लिप कब्जे में लीं और विभिन्न गवाहों के बयान दर्ज किए।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू ने अपने भतीजे सतेन्द्र राठौर के साथ मिलकर कथित रूप से रेखा आर्य के फर्जी हस्ताक्षर किए और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर सतेन्द्र राठौर को निदेशक बनाए जाने के तथ्य प्रकाश में आए।

इन कंपनियों में शामिल हैं:

देवों के देव महादेव

बनखंडी रुद्राक्ष धाम

श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड

श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड

जांच के दौरान सतेन्द्र राठौर की संलिप्तता सामने आने पर उसका नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया।

44 आपराधिक मुकदमों की जानकारी आई सामने

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत अलग-अलग अपराधों से संबंधित कुल 44 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी प्राप्त हुई है।

झांसी और बरेली से हुई गिरफ्तारी

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर भेजी गई थीं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 6 नवंबर 2026 को मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू को झांसी से गिरफ्तार किया, जबकि उसके भतीजे सतेन्द्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र से पकड़ा गया।

पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

गिरफ्तार आरोपी

1. गिरधारी लाल साहू (61 वर्ष) पुत्र रामस्वरूप, निवासी श्री बनखंडीनाथ मंदिर, बरेली, उत्तर प्रदेश।

2. सतेन्द्र राठौर (40 वर्ष) पुत्र हरिप्रसाद, निवासी जोगी नवादा, बरेली, उत्तर प्रदेश।

एसआईटी एवं पुलिस टीम

एसआईटी प्रभारी एवं पर्यवेक्षण अधिकारी एसपी ग्रामीण देहरादून श्रीमती जया बलूनी तथा विवेचक क्षेत्राधिकारी सहसपुर अनुज कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस टीम में निरीक्षक संतोष कुंवर, उपनिरीक्षक संदीप लोहान, संदीप कुमार, विनयता चौहान, दीपक गैरोला, धनीराम पुरोहित, प्रवीण पुंडीर, कमलेश गौर, रफत अली सहित एसओजी एवं विभिन्न थानों के पुलिसकर्मी शामिल रहे।

देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनियों के निदेशक पदों में कथित हेरफेर के मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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