उत्तराखंड में विद्यालय परिसर में ‘भूत का मंदिर’: छात्रों से अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

Navin Samachar, Nainital News नवीन समाचार, बागेश्वर, 04 अप्रैल 2026 (Uproar over Ghost Temple-GIC Kausani)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के बागेश्वर (Bageshwar) जनपद के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज कौसानी (GIC Kausani) में विद्यालय परिसर के भीतर ‘भूत का मंदिर’ (Ghost Temple) बनाए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस प्रकरण के सामने आते ही शिक्षा विभाग (Education Department) में ... Read more The post उत्तराखंड के विद्यालय में ‘भूत के मंदिर’ पर बवाल: छात्रों से अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद शासन सख्त appeared first on नवीन समाचार.

Apr 4, 2026 - 15:17
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उत्तराखंड में विद्यालय परिसर में ‘भूत का मंदिर’: छात्रों से अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
उत्तराखंड में विद्यालय परिसर में ‘भूत का मंदिर’: छात्रों से अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

उत्तराखंड में विद्यालय परिसर में ‘भूत का मंदिर’: छात्रों से अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के राजकीय इंटर कॉलेज कौसानी में "भूत का मंदिर" बनाने के विवाद ने शिक्षा विभाग को हिला कर रख दिया है। इस विवाद में छात्रों से अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है।

नवीन समाचार, बागेश्वर, 04 अप्रैल 2026- उत्तराखंड (Uttarakhand) के बागेश्वर जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज कौसानी (GIC Kausani) में विद्यालय में बनाए गए ‘भूत के मंदिर’ (Ghost Temple) के मामले ने हंगामा मचाया है। यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विद्यालय प्रशासन पर न केवल अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप है, बल्कि छात्रों से अवैध धन वसूली और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगे हैं। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। Uttarakhand: School in Kausani builds 'Ghost Temple' with student donations, sparks probe over superstition

शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस भूत मंदिर का निर्माण लगभग 25 हजार रुपये की लागत से किया गया। बताया जा रहा है कि विद्यालय के प्रत्येक छात्र से 100-100 रुपये की ‘अवैध वसूली’ की गई। कुल 218 छात्रों से एकत्रित धनराशि और शिक्षकों के योगदान के बावजूद, मंदिर के निर्माण की गुणवत्ता और आकार पर अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं।

नियमों के विरुद्ध सफाई शुल्क और मानदेय में गबन के आरोप

भूत के मंदिर का निर्माण
छात्रों से वसूली कर बनाया गया ‘भूत का मंदिर’

अभिभावक संघ और स्थानीय निवासियों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिसंबर 2025 से छात्रों से प्रतिमाह 50 रुपये सफाई शुल्क वसूला जा रहा है, जो शिक्षा के अधिकार (RTE) के नियमों के खिलाफ है। ये नियम कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क लेना प्रतिबंधित करते हैं। विद्यालय में सफाई कर्मचारी की नियुक्ति फरवरी 2026 में की गई, लेकिन शुल्क की वसूली पहले ही शुरू कर दी गई थी, जो सीधे तौर पर वित्तीय भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

इसके अतिरिक्त, विद्यालय प्रशासन पर कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए विभाग से प्राप्त 11 हजार रुपये की धनराशि हड़पने का भी आरोप है। शिक्षकों का यह भी कहना है कि वे सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं की ड्यूटी का मानदेय अब तक नहीं प्राप्त कर पाए हैं। प्रधानाचार्य ताजबर सिंह का कहना है कि मंदिर और सफाई हेतु धनराशि अभिभावकों की सहमति से ली गई थी, लेकिन अन्य वित्तीय गड़बड़ियों को उन्होंने अपने कार्यकाल से पूर्व का मामला बताया है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की विधिक कार्यवाही

मुख्य शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी गरुड़ को विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, सरकारी शिक्षण संस्थानों में धार्मिक या अंधविश्वास से जुड़े निर्माण के लिए छात्रों से धन एकत्र करना विधिक अपराध है। यदि जांच में वित्तीय गबन और पद के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हमें उम्मीद है कि शिक्षा विभाग की यह त्वरित जांच और विधिक कार्रवाई भविष्य में सरकारी विद्यालयों में इस प्रकार की घटनाओं और अंधविश्वास जनित गतिविधियों को रोकने में सफल होगी। शासन और प्रशासन को अब शिक्षण संस्थानों में पारदर्शी ऑडिट और अभिभावक-शिक्षक बैठकों के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी करने होंगे ताकि छात्रों के हितों का रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पाठकों की राय

राजकीय विद्यालय में मंदिर निर्माण और शुल्क वसूली के इस प्रकरण पर आपके क्या विचार हैं? पाठकों से अनुरोध है कि इस समाचार से संबंधित अपने विचार नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में साझा करें।

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Team Netaa Nagari - Neha Sharma

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