उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में 12.31 लाख के गबन के आरोपी दीपक बढ़ई की गिरफ्तारी
Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में खाताधारकों से जमा कराने के लिए ली गई लाखों रुपये की रकम बैंक में जमा नहीं करने के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने नामजद आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपित ने दैनिक जमा अभिकर्ता के रूप में कार्य करते हुए अलग-अलग तिथियों में खाताधारकों से … The post उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में 12.31 लाख के गबन का आरोपी दीपक बढ़ई गिरफ्तार appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में 12.31 लाख के गबन के आरोपी दीपक बढ़ई की गिरफ्तारी
कम शब्दों में कहें तो ऋषिकेश पुलिस ने 12.31 लाख रुपये के गबन के मामले में आरोपी दीपक बढ़ई को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला बैंक में जमा न की गई धनराशि से संबंधित है।
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राजकुमार धिमान, देहरादून: उत्तराखंड की ऋषिकेश पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 12.31 लाख रुपये के गबन के आरोपी दीपक बढ़ई को गिरफ्तार किया है। यह मामला उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में स्थित है, जहाँ आरोपित ने दैनिक जमा अभिकर्ता के रूप में कार्य करते हुए खाताधारकों से धनराशि प्राप्त की लेकिन उसे बैंक में जमा नहीं कराया।
गबन की पूरी कहानी
मामला उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लक्ष्मणझूला रोड से जुड़ा है। बैंक के सचिव एवं महाप्रबंधक श्री एसएस राणा ने 24 मई 2026 को एक लिखित तहरीर कोतवाली ऋषिकेश में दी थी। उन्होंने बताया कि दीपक बढ़ई ने विभिन्न तिथियों में खाताधारकों से 12,31,458 रुपये की राशि जमा करने के लिए ली, लेकिन वह उसे बैंक में जमा नहीं कर सका। इस प्रकार, वह सभी खाताधारकों को धोखा देते हुए उनके पैसे का गबन कर गया।
पुलिस का त्वरित एक्शन
शिकायत मिलने के बाद ऋषिकेश पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते हुए FIR नंबर 212/2026 दर्ज की। आरोपित के खिलाफ धारा 316(5) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधिकारियों को त्वरित साक्ष्य संकलन और नामजद आरोपित की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
गिरफ्तारी का विवरण
पुलिस के अनुसार, दीपक बढ़ई को 9 सितंबर 2026 को उदय बाग, विकासनगर से गिरफ्तार किया गया। उनकी उम्र 29 वर्ष है, और वह गोपेश्वर मंदिर मार्ग, चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश, देहरादून के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को उचित प्रक्रिया के अनुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस टीम की भूमिका
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विनेश कुमार, कांस्टेबल अभिषेक और कांस्टेबल तेज सिंह शामिल थे। इनके द्वारा किए गए प्रयासों के कारण ही इस मामले में आरोपी का पकड़ा जाना संभव हो सका।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है, और अब लोगों में इस बात की चिंता है कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर से नहीं होंगी। इसके अतिरिक्त, यह सरकार और वित्तीय संस्थानों के लिए इस समस्या के प्रति सजग रहने का एक सबक भी है।
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टीम नेटा नगरी
- सिमरन कौर
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