Nainital: मंगोली-बजून में शराब की दुकान का विरोध, महिलाओं का अनशन जारी - Netaa Nagari

नैनीताल। जिले के मंगोली और बजून क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकानों के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को यह आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर गया। महिलाओं का अनशन लगातार जारी है और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके समर्थन में आंदोलन स्थल पर जुट रहे हैं। ग्रामीणों […] The post Nainital: मंगोली-बजून में शराब की दुकान का विरोध तेज, छठे दिन भी महिलाओं का अनशन जारी; लिखित आदेश तक पीछे हटने से इनकार appeared first on Uttarakhand News 24.

Apr 4, 2026 - 15:13
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Nainital: मंगोली-बजून में शराब की दुकान का विरोध, महिलाओं का अनशन जारी - Netaa Nagari
Nainital: मंगोली-बजून में शराब की दुकान का विरोध, महिलाओं का अनशन जारी - Netaa Nagari

Nainital: मंगोली-बजून में शराब की दुकान का विरोध, महिलाओं का अनशन जारी

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कम शब्दों में कहें तो, नैनीताल जिले के मंगोली और बजून क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकानों के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। यह आंदोलन अब छठे दिन में प्रवेश कर गया है, जिसमें महिलाओं का अनशन जारी है। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके समर्थन में जुट रहे हैं, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।

महिलाओं का अनशन: एक संघर्ष की कहानी

शुक्रवार को, मंगोली और बजून क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी आवाज को और भी ऊंचा किया जब उन्होंने शराब की दुकानों के खिलाफ बैठकें आयोजित कीं। महिलाएं, जो इस आंदोलन का केंद्र बिंदु हैं, अनशन पर बैठकर अपनी स्थिति को मजबूती से रख रही हैं। उनका यह संघर्ष केवल शराब की दुकानों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक स्वच्छ और सुरक्षित समाज की भी मांग है।

स्थानीय जन समर्थन

इस आंदोलन में महिलाओं के अनशन को स्थानीय पुरुषों, बच्चों और यहां तक कि बुजुर्गों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलन स्थल पर जमा लोग न केवल महिलाओं के समर्थन में नारे लगाते हैं, बल्कि इस बात की भी मांग करते हैं कि प्रशासन इस मुद्दे पर ध्यान दे। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनका अधिकार है कि वे अपने इलाके में किसी भी प्रकार के नशा करने वाली गतिविधियों का विरोध कर सकें।

प्रशासन की चुप्पी या संवेदनशीलता?

ग्राम पंचायत के द्वारा किए गए कई अनुरोधों के बावजूद, स्थानीय प्रशासन ने अब तक इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया है और वे किसी लिखित आदेश के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस आंदोलन को गंभीरता से लेगा?

आने वाले दिन: क्या होगा आगे?

ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को नजरअंदाज करता रहा, तो यह आंदोलन और भी तेज हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें अपनी आवाज उठाने का अधिकार है और वे किसी भी प्रकार के दखल के खिलाफ खड़े रहेंगे। इसके परिणामस्वरूप, आने वाले दिनों में स्थिति और भी उग्र हो सकती है।

इस पूरे आंदोलन के बीच एक बात साफ है कि यदि ग्रामीणों की आवाज को सुना नहीं गया, तो नैनीताल में यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। स्थानीय समुदाय की एकता और संघर्ष की भावना इस बात की गवाही देती है कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

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संपादित: कुमुदिनी भाटिया
Team Netaa Nagari

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