MDDA ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दून में सख्त कदम उठाए जाएंगे
देहरादून मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए सोमवार को ऋषिकेश, देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं…
MDDA की अवैध निर्माण के खिलाफ सीधी कार्रवाई, दून और उसके बाहर के क्षेत्रों में नहीं बख्शे जाएंगे
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए ऋषिकेश, देहरादून और विकासनगर में कई स्थानों पर सख्त ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की।
देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने हाल ही में अवैध निर्माणों के खिलाफ अपनी मुहिम को गति देते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। सोमवार को ऋषिकेश, देहरादून और विकासनगर में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की गई, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के तहत प्राधिकरण की टीम ने उन सभी निर्माण कार्यों की पहचान की जो बिना स्वीकृत मानचित्र के और नियमों के खिलाफ बनाए गए थे।
ऋषिकेश में अवैध निर्माण ध्वस्त
एमडीडीए की टीम की पहली कार्रवाई ऋषिकेश क्षेत्र में हुई, जहां लक्कड़घाट रोड स्थित साक्षी महाराज ब्लॉक-सी में निशांत मलिक द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। हालाँकि, यह निर्माण पहले से ही नोटिस प्राप्त कर चुका था, लेकिन फिर भी इसे बिना स्वीकृति के जारी रखा गया था। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सभी नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद की गई।
निर्मल बाग क्षेत्र की सख्त कार्रवाई
ऋषिकेश के निर्मल बाग में भी विशेष सख्ती दिखाते हुए, एमडीडीए ने गुरु कृपा फाउंडेशन द्वारा बनाए गए बहुमंजिला अवैध भवन को सील किया। इसके अलावा, अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई, जिन्होंने मानकों का पालन नहीं किया था। इस प्रकार की कार्रवाई एमडीडीए के स्थायी नीति का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अनियोजित विकास को रोकना है।
विकासनगर में व्यावसायिक निर्माणों पर नजर
प्राधिकरण की कार्रवाई केवल ऋषिकेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि विकासनगर में भी कई अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। व्यक्तिगत दिशानिर्देशों के अभाव में स्थायी और सुरक्षित निर्माण पर चिंता जताते हुए, कार्यकारी अभियंता और पुलिस बल भी इस अभियान में शामिल रहे। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बंशीधर तिवारी का संदेश
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और नियमों का पालन करें। एमडीडीए का उद्देश्य सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में सुरक्षा और यातायात संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
नियमों का उल्लंघन नहीं सहा जाएगा
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी इस दिशा में निरंतर निगरानी रखने के संकल्प को मजबूत किया है। वे नागरिकों को याद दिलाते हैं कि यदि किसी भी क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का इसे लेकर कोई भी दबाव या प्रभाव में नहीं आना है, उन्होंने स्पष्ट किया।
संक्षेप में
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा यह अभियान निश्चित रूप से शहरों और कस्बों में सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आप शहरी विकास से जुड़े और अधिक अपडेट चाहें तो यहां क्लिक करें
इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, और अन्य अधिकारी भी शामिल थे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि शहरों में सुरक्षित और सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
टीम नेटआ नागरी - प्रिया शर्मा
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