उत्तराखंड की दलित युवती के 3 साल तक दुष्कर्म का मामला, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
Round The Watch News: उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली एक दलित युवती ने मुरादाबाद के युवक पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर तीन साल तक ब्लैकमेल करने, बार-बार यौन शोषण करने, जातिसूचक अपमान करने और डेढ़ लाख रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का यह भी कहना है कि … The post उत्तराखंड की दलित युवती से यूपी में तीन साल तक रेप, पुलिस पर सवाल appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड की दलित युवती के 3 साल तक दुष्कर्म का मामला, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली एक दलित युवती ने मुरादाबाद में युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर तीन साल तक ब्लैकमेल करने और जातिसूचक अपमान करने की घटनाएँ शामिल हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही थी, जिसके बाद डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह घटना उत्तराखंड के हरिद्वार से संबंधित है, जहां एक दलित युवती ने मुरादाबाद के एक युवक, मयंक चौधरी, पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया है कि जब उसने स्कूटी खरीदने के लिए आरोपी से संपर्क किया तो यह सब शुरू हुआ। मयंक ने खुद को दोपहिया वाहनों की खरीद-बिक्री का व्यवसायी बताते हुए युवती से 70 हजार रुपये लिए, लेकिन न तो स्कूटी मिली और न ही पैसे वापस किए गए।
नशीली दवा का इस्तेमाल और दुष्कर्म
पीड़िता की एफआईआर के अनुसार, 20 मार्च 2023 को आरोपी ने पैसे लौटाने का बहाना बना कर युवती को अपने कमरे पर बुलाया। वहां उसने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया, जिससे युवती बेहोश हो गई। बेहोशी के दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाने के बाद उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी ने वीडियो को वायरल करने की धमकी दी।
तीन वर्षों तक चलने वाला आतंक
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने तीन वर्षों तक उसे यौन शोषण का शिकार बनाया और इस दौरान लगभग डेढ़ लाख रुपये भी ऐंठ लिए। दुष्कर्म के डर से युवती पुलिस के पास जाने से हिचकिचा रही थी। आरोप के दौरान जब आरोपी को मालूम हुआ कि युवती अनुसूचित जाति से संबंध रखती है, तो उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे अपमानित किया।
जान से मारने की धमकी और वीडियो साक्ष्य
युवती ने यह भी आरोप लगाया कि जनवरी 2026 में आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने बताया कि उसके पास उस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जो कि जांच में मालिक साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
पीड़िता का आरोप है कि उसने पहले भी मझोला थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके विपरीत, आरोपी और उसके परिजनों ने उसे धमकी दी और कुछ सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए मजबूर किया। जब स्थानीय पुलिस से न्याय नहीं मिला, तो युवती ने मुरादाबाद क्षेत्र के डीआईजी मुनिराज से मिलकर न्याय की गुहार लगाई।
डीआईजी के हस्तक्षेप से मामला दर्ज
डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद, मझोला थाना पुलिस ने अंततः मुख्य आरोपी मयंक चौधरी और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल राज्य की कानूनी प्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित गंभीर मुद्दों को भी सामने लाती है। हमें उम्मीद है कि न्याय जल्द ही मिलेगा और संबंधित अधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझेंगे।
यह मुद्दा हमें यह समझाता है कि समाज में जातिवाद और महिलाओं के प्रति हिंसा को खत्म करने की दिशा में हमें और अधिक कदम उठाने की आवश्यकता है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और समाज में उन्हें वह समर्थन मिले जो उन्हें न्याय दिला सके।
फिलहाल, पीड़िता का यह मामला और उसके साथ हो रही अनदेखी ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी पुलिस प्रणाली वास्तव में समाज की रक्षा कर रही है?
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Team Netaa Nagari - राधिका शर्मा
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