STF की त्वरित कार्रवाई: 73 लाख रुपये की राशि बचाई, साइबर अपराधियों पर कड़ी नजर
देहरादून वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश निर्गत किये गये हैं।…
STF की त्वरित कार्रवाई: 73 लाख रुपये की राशि बचाई, साइबर अपराधियों पर कड़ी नजर
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने मात्र एक सप्ताह में साइबर क्राइम पीड़ितों से 73 लाख रुपये की धनराशि बचाई है। इस अद्वितीय ऑपरेशन ने साबित किया है कि साइबर अपराध से जूझने में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है।
नवीनतम पहल और कार्रवाई
देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के संकेत दे चुके हैं। इस क्रम में, एसटीएफ ने राष्ट्रीय वित्तीय हेल्पलाइन 1930 कंट्रोल रूम का संचालन करते हुए त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में अग्रसर है।
विगत एक सप्ताह में की गई मुख्य कार्यवाही
साइबर हेल्पलाइन 1930 (साइबर/एसटीएफ) ने पिछले कुछ दिनों में कई अदालतों को प्रभावित करने वाले मामलों में कार्रवाई की है:
- 19-09-2026: निर्मला भट्ट (पिथौरागढ़) ने 93,130 रुपये की फ्रॉड की शिकायत की थी, जिसे 56,054.39 रुपये की राशि होल्ड कराई गई।
- 23-09-2026: गीता देवी (उधमसिंह नगर) ने 1,88,000 रुपये की ठगी की शिकायत की, जिसमें से 71,973.08 रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई।
- 22-09-2026: कार्तिकेय (देहरादून) ने 50,000 रुपये का फ्रॉड रिपोर्ट किया, जिसमें से 49,999 रुपये वापस कराए गए।
- 24-09-2026: अतुल रावत (ऋषिकेश) ने 2,00,000 रुपये की धोखाधड़ी बताई थी, जिसमें 1,33,408.72 रुपये की राशि संदिग्ध खातों में फ्रीज कर दी गई।
- 23-09-2026: विजय अरोरा (देहरादून) ने 56,502 रुपये की शिकायत दर्ज की, जिसमे पूरी राशि होल्ड की गई।
- 24-09-2026: बबली देवी (बागेश्वर) द्वारा 97,500 रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें से 86,101.02 रुपये होल्ड कराए गए।
साइबर अपराध के प्रति जागरूकता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खाता, ATM कार्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध के मामलों की बढ़ोत्तरी के चलते सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा, "यदि कोई आपको पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराए, तो घबराइए नहीं। जबकि इंटरनेट पर कार्यवाही के लिए कोई भी एजेंसियां बलात्कारी नहीं कर सकतीं।" एसटीएफ ने लोगों को चेतावनी दी है कि इस प्रकार के झांसे में आने से बचें, और हमेशा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम यूनिट को दें।
भविष्य की दिशा
आकर्षक अवसरों और अविश्वसनीय लाभ के प्रलोभनों से बचने के लिए ये महत्वपूर्ण है कि हम सतर्क रहें। साइबर अपराध को कम करने के लिए अधिकारी उचित कार्रवाई कर रहे हैं और जनता की जागरूकता इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यदि आप भी किसी वित्तीय साइबर अपराध का शिकार हुए हैं, तो तुरंत 1930 नम्बर पर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Team Netaa Nagari
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