DEHRA DUN: NEET UG-2025 MBBS प्रवेश मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया
देहरादून 13 सितंबर को थाना रायपुर तथा थाना क्लेमेंटाउन पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा अपनी सरकार पोर्टल पर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने हेतु…
देहरादून: NEET UG-2025 में फर्जी दस्तावेज़ों को लेकर MBBS में प्रवेश प्रकरण में दो और अभियुक्त गिरफ्तार
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में NEET UG-2025 के MBBS प्रवेश के लिए फर्जी दस्तावेजों के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
13 सितंबर को थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटाउन में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अपने सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने हेतु ऑनलाइन आवेदन किए गए थे। प्रारंभिक जांच में इन दस्तावेजों को फर्जी पाया गया। इससे संबंधित तहरीरों के आधार पर थाना रायपुर पर मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने श्रीमती जया बलोनी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। SIT ने शुरू में दस्तावेजों के साक्ष्यों को जुटाने का कार्य करते हुए उक्त अभ्यर्थियों से संबंधित सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया। जांच के दौरान पाया गया कि अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में अंकित पते गलत थे।
SIT के कार्रवाई के परिणाम
SIT ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया, जिससे अभ्यर्थियों के वास्तविक पतों की जानकारी प्राप्त हुई। इस जानकारी के आधार पर, SIT ने संजय कुमार और गिरीश सिंह नाम के दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाना रायपुर लाया। पूछताछ के बाद आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार किया। इससे पहले इस प्रकरण में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में संजय कुमार और गिरीश सिंह शामिल हैं, जिनका आपस में पुराना परिचय था। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अन्य प्रमुख अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की थी। इन आरोपियों ने अनुचित धनराशि के बदले मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का काम किया था।
सख्त कानून कार्रवाई की योजना
SIT द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से विवेचना की जा रही है। SIT ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल शैक्षणिक निष्पक्षता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे समस्त अभ्यर्थियों के लिए एक सबक के रूप में भी देखा जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी
1. संजय कुमार, पुत्र सुमेर राम, निवासी C/o- राखी जयसवाल, 27 न्यू अमृत कौर रोड, द्वारिका स्टोर चौक, थाना डालनवाला, जनपद देहरादून। मूल पता – ग्राम नानूपुर, नियर आरटीओ आफिस, थाना सारनाथ, जिला बनारस, उत्तर प्रदेश। उम्र- 30 वर्ष।
2. गिरीश सिंह, पुत्र रणजीत सिंह, निवासी C/o- विनोद शाह, मकान न0 553 L- 12, टपकेश्वर मंदिर लाईन, थाना गढी कैट, जनपद देहरादून। मूल पता – पाताल भुवनेश्वर, थाना गंगोलीहाट, जिला पिथौरागढ़। उम्र – 33 वर्ष।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
1. रुपेश पंडित, पुत्र श्री गोपाल पण्डित, निवासी ग्राम- शिवपुरी, थाना केहाट, तहसील/ जिला पूर्णिया, (बिहार)। हाल निवासी प्लॉट नंबर 90, द्वारिकापुरी कॉलोनी, थाना ब्रह्मपुरी, जनपद मेरठ, उत्तर प्रदेश। उम्र- 30 वर्ष।
2. अरविद कुमार, पुत्र श्री विजयपाल सिंह, निवासी ग्राम – बहादरपुर खादर, थाना लक्सर, जनपद- हरिद्वार।
3. धीरज कुमार श्रीवास्तव, पुत्र श्री दिवाकर कुमार श्रीवास्तव, निवासी हाउस नंबर 61, खजूरी कलान रोड, थाना पिपलानी, जिला भोपाल, मध्य प्रदेश। उम्र- 37 वर्ष।
गिरफ्तारी की इस कार्यवाही ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा सत्यापन के साथ ही दस्तावेज प्रस्तुत करें।
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टीम नेट आ नागरी
अंजु शर्मा, पत्रकार
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