स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल में डॉक्टरों से की बातचीत, स्टाइपेंड बढ़ाने का दिया आश्वासन
देहरादून राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 9 दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर डॉक्टरों के बीच आज प्रदेश…
स्वास्थ्य मंत्री ने दून अस्पताल में डॉक्टरों को दी राहत
कम शब्दों में कहें तो, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल में पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों से मुलाकात की और उनके स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
देहरादून में स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 9 दिनों से स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर पीजी, एसआर एवं जेआर डॉक्टर धरने पर बैठे थे। आज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल का दौरा किया और धरने पर बैठे डॉक्टरों से चर्चा की। उनके समक्ष अपनी मांगें रखते हुए चिकित्सकों ने सरकार से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने आंदोलनरत डॉक्टरों से मिलकर उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने कहा, "हम आपकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और जल्द ही स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेंगे।" यह बयान डॉक्टरों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
एमबीबीएस छात्रों के समस्या समाधान पर ध्यान
उन्होंने एमबीबीएस के छात्रों के साथ बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह बातचीत अस्पताल के माहौल में गर्माहट लेकर आई और छात्रों में उत्साह का संचार किया।
धरना स्थगित, लेकिन उम्मीद जगी
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद, धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर छात्राओं ने अपना धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। कहा जा रहा है कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में उनकी मांगों को मंजूर कराने में सहायक सिद्ध हो सकता है। मंत्री ने कहा कि चिकित्सक हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके हितों को प्राथमिकता देना हमारी जिम्मेदारी है।
सरकार का सहयोग और संवाद
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि सरकार चिकित्सकों के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय के जरिए उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों की मेहनत और उनके स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान का आभार व्यक्त किया। यह भी स्पष्ट किया कि इस दिशा में उठाए गए कदम सकारात्मक परिणाम लाएंगे।
निष्कर्ष
स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद, चिकित्सकों का धरना स्थगित हो गया है, जिससे स्टाइपेंड वृद्धि के मुद्दे पर सरकार से सकारात्मक उम्मीद जगी है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए इन डॉक्टरों की स्थिति में सुधार लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इससे न केवल चिकित्सा क्षेत्र में काम करने वाले डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
विस्तृत जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें: Netaa Nagari
Team Netaa Nagari, सुमन शर्मा
What's Your Reaction?