वयस्कों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता: 50 साल पार कर चुके लोगों के लिए टीकाकरण आवश्यक

– वयस्क हैं तो रहें सावधान, स्वास्थ्य को न करें नजरअंदाज – 50 पार कर चुके लोगों के लिए एडल्ट

Apr 13, 2026 - 18:37
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वयस्कों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता: 50 साल पार कर चुके लोगों के लिए टीकाकरण आवश्यक
वयस्कों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता: 50 साल पार कर चुके लोगों के लिए टीकाकरण आवश्यक

वयस्क हैं तो रहें सावधान, स्वास्थ्य को न करें नजरअंदाज

– 50 पार कर चुके लोगों के लिए एडल्ट वैक्सीनेशन जरूरी
– एम्स में उपलब्ध हैं टीकाकरण की सुविधाएं

एम्स ऋषिकेश
13 अप्रैल 2026
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

कम शब्दों में कहें तो: 50 वर्ष की उम्र पार करने वाले व्यक्तियों के लिए टीकाकरण एक आवश्यक प्रक्रिया है, जिससे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है। बढ़ती उम्र में टीकाकरण की सुविधाएं एम्स ऋषिकेश में उपलब्ध हैं।

यदि आप 50 की उम्र पार कर चुके हैं, तो आपके लिए स्वास्थ्य संबंधी चेतनता बहुत जरूरी है। इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है, जिससे आप कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि बचपन में लगाए गए टीकों का प्रभाव अधिकतम 35 साल तक ही रहता है। इसके बाद, शरीर में वैक्सीन की प्रभावशीलता घटने लगती है। इस कारण, 50 से अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए एडल्ट वैक्सीनेशन (वयस्क टीकाकरण) को अपनाना जरूरी हो गया है।

एम्स ऋषिकेश में सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रमुख, प्रो. वर्तिका सक्सैना के अनुसार, 50 से अधिक उम्र के लोगों में निमोनिया, खांसी, जुकाम और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह तथ्य भी ध्यान में रखना जरूरी है कि अगर ऐसे लोगों का स्वास्थ्य गिरता है, तो हर 10 में से 3 को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकती है।

इसीलिए, एडल्ट वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसमें इन्फ्लूएंजा, हेपेटाइटिस, टेटनस, निमोनिया और वैरीसेला जैसे टीके शामिल हैं। टीकाकरण कार्यक्रम सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में संचालित होता है।

टीकाकरण केन्द्र की नोडल ऑफिसर, डॉ. स्मिता सिन्हा का कहना है कि 50 से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को इन टीकों के लिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच इस संस्थान के टीकाकरण केन्द्र में पिछले 3 महीनों में 600 से ज्यादा लोगों को ये टीके लगाए गए हैं। यह टीकाकरण प्रमुख रूप से डायबिटिक रोगियों, समुद्री जहाज से यात्रा करने वालों, हज यात्रा करने वालों और कुम्भ मेले में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से जरूरी है।

न्यूमोकोल और इन्फ्लूएंजा के टीके हैं अत्यधिक महत्वपूर्ण
50 की उम्र पार कर चुके लोगों को सांस संबंधी परेशानियों, निमोनिया और सांस फूलने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए 'न्यूमोकोकल' वैक्सीन लगवाना अत्यावश्यक है। इसके अलावा, जिन व्यक्तियों में बचपन में चिकन पॉक्स नहीं हुआ है, उन्हें 'वैरीसेला' वैक्सीन भी लगवाना चाहिए। डॉ. वर्तिका का कहना है कि ये टीके ना सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि गंभीरता को कम करने में भी सहायक होते हैं।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती जाती है। इसलिए, वयस्कों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली बनी रहे और बीमारियों का प्रकोप समय पर रोका जा सके।
प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एम्स

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टीम नेटा नगरी
प्रिया शर्मा

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