नैनीताल: डीएम ने भूसे के अनावश्यक भण्डारण और परिवहन पर लगाया रोक

नैनीताल : जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आदेश जारी करते हुए अवगगत कराया कि राज्य

Jun 16, 2026 - 18:37
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नैनीताल: डीएम ने भूसे के अनावश्यक भण्डारण और परिवहन पर लगाया रोक
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नैनीताल: डीएम ने भूसे के अनावश्यक भण्डारण और परिवहन पर लगाया रोक

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कम शब्दों में कहें तो, नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने भूसे की बढ़ती कीमतों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है।

नैनीताल : जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए बताया कि राज्य में पशुओं के लिए उपयोग होने वाले भूसे की कीमतों में अविश्वसनीय वृद्धि देखी जा रही है। इस कारण, उन्होंने अनावश्यक भण्डारण और राज्य से बाहर भूसे के परिवहन पर रोक लगाने का आदेश दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में पशुपालक गेहूँ के भूसे का उपयोग मुख्य रूप से अपने पशुओं के सूखे चारे के रूप में करते हैं। यह आदेश उन स्थितियों को रोकने के लिए उठाया गया है, जहां भूसे का जमाव किया जा रहा था, जिससे बाजार में और भी अधिक कमी और कीमत बढ़ने की संभावना बढ़ रही थी।

भूसे की स्थिति और पशुपालकों पर प्रभाव

खासकर, यह कदम उत्तराखण्ड के पशुपालकों के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो अपने पशुओं के लिए आवश्यक चारा सुनिश्चित करना चाहते हैं। जिलाधिकारी ने इस पर चिंता व्यक्त की कि यदि भूसे की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए आवश्यक चारा उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

जिलाधिकारी ने आगे कहा कि यह आदेश खाद्य आपूर्ति की श्रृंखला को सुनिश्चित करने के लिए उचित है, ताकि गाँवों में स्थित पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए समय पर चारा मिल सके। इस रोक के माध्यम से सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिर करना है।

सरकार के अन्य कदम

इस बीच, राज्य सरकार के अन्य कदमों में सूचना और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से पशुपालकों को उचित दामों पर भूसा उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता देना शामिल है। इसके अलावा, पशुपालन विभाग ने भूसे की कीमतों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति भी गठित की है ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर निर्णय लिए जा सकें।

उपरोक्त सभी कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पशुपालक सुख और सुरक्षा के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर सकें। अमीर और गरीब सभी वर्ग के पशुपालकों को समान रूप से लाभ मिल सके।

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यह कदम विधानसभा में प्रसार के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि ऐसे कदम पूरी सच्चाई के साथ उठाएं जाएं ताकि किसानों और पशुपालकों को वास्तविक लाभ मिल सके।

Team Netaa Nagari

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