देहरादून के हॉस्टल से गिरी 17 वर्षीय छात्रा: हत्या के प्रयास की आशंका जताई गई
Round The Watch News: देहरादून में एक 17 वर्षीय छात्रा के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून को तत्काल प्राथमिकी … The post हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरी डिफेंस ड्रीमर्स की नाबालिग छात्रा, हत्या के प्रयास की आशंका appeared first on Round The Watch.
देहरादून के हॉस्टल से गिरी 17 वर्षीय छात्रा: हत्या के प्रयास की आशंका जताई गई
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक नाबालिग छात्रा के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरने के गंभीर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस घटना के बाद राज्य के बाल अधिकार आयोग ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
देहरादून में 17 वर्षीय एक छात्रा, जो Doon Defence Dreamers में एनडीए परीक्षा की तैयारी कर रही थी, हाल ही में हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिर गई। पिता की शिकायत पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया और पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। शिकायत के अनुसार, छात्रा की हालत बेहद गंभीर है, और वह वर्तमान में न्यूरो आईसीयू में भर्ती है।
घटनाक्रम का विवरण
छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी अप्रैल 2026 से देहरादून के Skyline Apartment में रह रही थी। आरोप है कि छात्रा 3/4 अप्रैल 2026 की रात को गिरी और उसे गंभीर चोटें आईं। उनकी जानकारी के अनुसार, छात्रा के शरीर के नाजुक अंगों पर चोटें आई हैं और वह जीवन-मृत्यु के संघर्ष में है।
शिकायत और आरोप
छात्रा के पिता ने आयोग को जानकारी दी कि उन्होंने 4 जून 2026 को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। यह मामला इसलिए गंभीर हो गया है क्योंकि इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बढ़ गई है। आयोग ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय अन्य छात्राओं के बयान भी संदिग्ध रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरी घटना को धमाल के तौर पर पेश करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में छात्रा के मोबाइल फोन के साथ भी छेड़छाड़ की गई है, जिससे मामला और उलझ गया है।
हत्या के प्रयास की आशंका
छात्रा के पिता ने आयोग के सामने स्पष्ट किया कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं हो सकती और उन्होंने हत्या के प्रयास की संभावना जताई। छात्रा के अस्तित्व को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए, उन्होंने संबंधित आरोपियों के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की।
बाल अधिकार आयोग की कार्रवाई
बाल आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एसएसपी से जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए ताकि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इसके साथ ही आयोग ने पुलिस को निर्देश भी दिए कि वे इस मामले की त्वरित और ईमानदार जांच सुनिश्चित करें।
न्यायपालिका को सूचित किया गया
इस मामले की जानकारी अन्य न्यायिक अधिकारियों को भी दी गई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि आयोग इस मामले को विशेष गंभीरता से देख रहा है। मामले की गंभीरता और जांच की दिशा पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।
दोस्तों, इस घटना ने न केवल छात्रा के परिवार को दुखी किया है, बल्कि यह युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की कोशिशें इस मामले में कितनी सफल रहती हैं, यही देखना बाकी है।
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संकेतित करते हुए, यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारे युवा खासकर छात्राएं सुरक्षित हैं?
सादर,
टीम नेटा नगरी
दीप्ति कुमारी
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