टिहरी जेल में बंदियों के कल्याण और पुनर्वास के लिए विशेष कार्यक्रम, ट्रैक सूट वितरण

देहरादून/टिहरी जिला कारागार, टिहरी में बंदियों के कल्याण एवं पुर्नवास के उद्देश्य से अधीक्षक, जिला कारागार टिहरी अभिलाष गैरोला की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अन्तरराष्ट्रीय…

Apr 14, 2026 - 09:37
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टिहरी जेल में बंदियों के कल्याण और पुनर्वास के लिए विशेष कार्यक्रम, ट्रैक सूट वितरण
टिहरी जेल में बंदियों के कल्याण और पुनर्वास के लिए विशेष कार्यक्रम, ट्रैक सूट वितरण

टिहरी जेल में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम, बंदियों के कल्याण एवं पुनर्वास पर जोर

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी जिला कारागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई और ट्रैक सूट का वितरण किया गया।

देहरादून/टिहरी: जिला कारागार, टिहरी में बंदियों के कल्याण एवं पुनर्वास के उद्देश्य से अधीक्षक, जिला कारागार टिहरी अभिलाष गैरोला की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश सचिव एवं जिला कारागार स्वतंत्र निगरानी समिति के सदस्य कुलदीप सिंह नेगी भी उपस्थित रहे।

बंदियों को नई दिशा प्रदान करने की कोशिश

कार्यक्रम में अधीक्षक, जिला कारागार टिहरी ने बताया कि बंदियों को नई दिशा प्रदान करने के लिए वह प्रत्येक सोमवार को स्वयं बंदियों से मुलाकात करते हैं। उनका उद्देश्य है कि कारागार में हर व्यक्ति को कुछ न कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित किया जाए। इस समय बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल जैसे कि लिफाफे बनाना, सीमेंट बेस गमले बनाना, जेल परिसर में वाल पेटिंग, एपण आर्ट और पौधारोपण सिखाया जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की कि प्रत्येक बंदी को एक पौधा लगाने का कार्य दिया गया है, जिसकी देखभाल वे स्वयं करेंगे। इससे न केवल उनकी सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ेगी, बल्कि उन्हें अपने कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी मिलेगा।

बंदियों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा

प्रदेश सचिव कुलदीप सिंह नेगी ने भी बंदियों से संवाद स्थापित किया और उनके सुझावों, समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उनका कहना है कि अधीक्षक द्वारा बंदियों से प्रत्यक्ष बातचीत करना एक सराहनीय प्रयास है, जिससे बंदियों के मन में सकारात्मक सोच विकसित होगी।

ट्रैक सूट का वितरण और सकारात्मक बदलाव

इस आयोजन के दौरान बंदियों को दैनिक उपयोग हेतु ट्रैक सूट भी वितरित किए गए। इसके अलावा विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कारागार में ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बंदियों के मनोबल को मजबूत करना और उनके सुधार एवं पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाना है।

इस पहल के माध्यम से टिहरी जेल प्रशासन न केवल बंदियों के पुनर्वास पर ध्यान दे रहे हैं, बल्कि उनको समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया Netaa Nagari पर जाएं।

Team Netaa Nagari, साक्षी मेहरा

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