चारधाम यात्रा में नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख के पार
गंगोत्री में पहली बार 7.84 लाख श्रद्धालु पहुंचे, यमुनोत्री भी 7 लाख पार; बद्रीनाथ में 17.28 लाख दर्शन देहरादून। उत्तराखंड
चारधाम यात्रा में नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख के पार
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की चारधाम यात्रा ने इस वर्ष एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख से अधिक पहुँच गई है।
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस वर्ष अत्यधिक भीड़ को आकर्षित कर रही है। 12 सितंबर तक 50 लाख 28 हजार 497 श्रद्धालु ने चारधाम के दर्शन किए हैं। पिछले वर्ष की इसी अवधि में केवल 45 लाख 09 हजार 324 तीर्थयात्री यहां आए थे, यानी इस बार 5 लाख 19 हजार 173 अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
गंगोत्री धाम में नई उपलब्धि
चारधाम यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि गंगोत्री धाम के नाम रही है, जहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 7 लाख 84 हजार 321 तक पहुंची है। इससे पहले वर्ष 2022, 2023 और 2025 में यहां 7 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे।
यमुनोत्री में भी नया आंकड़ा
यमुनोत्री धाम में भी इस वर्ष का आंकड़ा शानदार रहा है। अब तक 7 लाख 03 हजार 302 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यहां 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु आए थे। यह स्पष्ट करता है कि तीर्थाटन के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है।
बद्रीनाथ धाम में बढ़ती संख्या
बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ी है। 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 12 सितंबर तक 17 लाख 28 हजार 578 लोगों ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 13 लाख 82 हजार 845 था।
हेमकुंट साहिब में भी रिकॉर्ड
श्री हेमकुंट साहिब में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पहली बार 3 लाख 19 हजार 135 तक पहुँच गई है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सरकारी व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, यात्रा के व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि चारधाम यात्रा का पहला चरण सफल रहा है और अगले चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। यात्रियों के सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आगे क्या?
यात्राकाल में अभी करीब दो महीने बाकी हैं, ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हो सकता है। जब चारों दिशाओं से श्रद्धालु आने में जुटे हैं, तो यह एक सकारात्मक संकेत है कि लोग अपनी धार्मिक आस्थाओं के लिए और अधिक सक्रिय हो रहे हैं।
सभी श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अपना अनुभव साझा करें।
यात्रा से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं: Netaa Nagari.
-संदर्भ: टीम नेटा नगरी, साक्षी शर्मा
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