एमबीबीएस दाखिले में फर्जीवाड़ा: 12 सीटें रद्द, दून में 2 गिरफ्तार, ऊधमसिंह नगर में आरोपियों की संख्या 30
Rajkumar Dhiman, Dehradun: नीट-यूजी 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस दाखिले के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई। देहरादून पुलिस की विशेष जांच दल (एसआइटी) ने संजय कुमार और गिरीश सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों पर 03 अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाकर … The post एमबीबीएस दाखिला फर्जीवाड़े में 12 सीटें रद्द, दून में 02 और गिरफ्तार, ऊधमसिंह नगर में आरोपियों की संख्या बढ़कर 30 appeared first on Round The Watch.
एमबीबीएस दाखिले में फर्जीवाड़ा: 12 सीटें रद्द, दून में 2 गिरफ्तार, ऊधमसिंह नगर में आरोपियों की संख्या 30
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कम शब्दों में कहें तो, नीट-यूजी 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस दाखिले के मामलों का सामना कर रहे अभ्यार्थियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। देहरादून में 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और अब तक कुल 15 सीटें रद्द की जा चुकी हैं। ऊधमसिंह नगर में आरोपियों की संख्या 30 तक पहुंच गई है।
एक संवाददाता की रिपोर्ट, देहरादून: सोमवार को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच दल (एसआइटी) ने नीट-यूजी 2025 में फर्जीवाड़े की साजिश का भंडाफोड़ किया और संजय कुमार और गिरीश सिंह नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन दोनों ने तीन अभ्यर्थियों के लिए फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, स्थायी निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार करने में मदद की। उनके इस कार्य के लिए उन्होंने अवैध धन हासिल किया।
फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
पुलिस के अनुसार, संजय और गिरीश एक-दूसरे के पुराने परिचित हैं और दोनों की दोस्ती वर्ष 2007 से चल रही है। अब तक की जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने स्वाति, परी और खुशी नामक तीन अभ्यर्थियों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसी संदर्भ में, एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने 12 और अभ्यर्थियों का सीट आवंटन रद्द कर दिया है। यह रद्द की गई सीटें मेडिकल कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इससे पहले भी तीन सीटें रद्द की जा चुकी हैं।
जांच का आरंभ
यह मामले 13 सितंबर को थाना रायपुर और क्लेमेनटाउन में दर्ज मामलों से शुरू हुए थे। ‘अपणी सरकार’ पोर्टल के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए की गई जांच में फर्जी दस्तावेजों का पता चला। इस प्रकार, पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई की और संबंधित मुकदमे दर्ज किए।
गलत पते से खुली साजिश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के एसएसपी ने एसआइटी का गठन किया। टीम ने संबंधित शिक्षण संस्थानों में जाकर दस्तावेजों की जांच की और पाया कि कई मामलों में दिए गए पते गलत थे। पुलिस ने संजय और गिरीश की गिरफ्तारी के बाद, उनके गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश शुरू की है।
उदाहरण के लिए, और गिरफ्तारी
इस कार्रवाई का दायरा बढ़ते हुए, पहले ही 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अब तक, कुल 10 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज हो चुके हैं। एसआइटी आगे की जांच में लगी हुई है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने व इनसे जुड़े अन्य तत्वों को भी उजागर करने की कोशिश कर रही है।
ऊधमसिंह नगर में स्थिति
ऊधमसिंह नगर में, 30 लोगों के खिलाफ पहले ही मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, और अलग-अलग मामलों में कम से कम 7 अन्य आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाने के रिकॉर्ड के अनुसार, बाजपुर से 5 और गदरपुर से 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यहां भी फर्जी स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र बनवाने के मामलों की जांच जारी है।
आवश्यक जानकारी और आगे की कार्रवाई
बाजपुर में भी फर्जी स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इनसे संबंधित कई दस्तावेज और उपकरण भी जब्त किए हैं। इसी प्रकार, गदरपुर और रुद्रपुर के मामलों में भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल फोन से सबूत भी प्राप्त किए हैं।
राजस्व कर्मचारियों पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, राज्य के राजस्व कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है। देहरादून में, जगदीश राठौड़ और डिंपल को निलंबित किया गया है। ऊधमसिंह नगर में भी संबंधित राजस्व उपनिरीक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
इस प्रकार, एमबीबीएस दाखिला फर्जीवाड़ा मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में 5 और ऊधमसिंह नगर में 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और कुल 30 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दायर किए जा चुके हैं। इस मामले की गहराई में जाकर एसआइटी और जिला प्रशासन की जांच आगे भी जारी रहेगी।
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सादर,
टीम नेटा नगरी, द्वारा प्रिया रावत
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