उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच UPCL के प्रयास, रोस्टिंग को न्यूनतम रखने की नई रणनीतियाँ

देहरादून अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखण्ड में विद्युत रोस्टरिंग अपेक्षाकृत कम विद्युत उपलब्धता बढ़ाने के लिए हर संभव विकल्प का उपयोग कर रहा UPCL वर्तमान में राज्य में विद्युत…

Sep 25, 2026 - 09:37
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उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच UPCL के प्रयास, रोस्टिंग को न्यूनतम रखने की नई रणनीतियाँ
उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच UPCL के प्रयास, रोस्टिंग को न्यूनतम रखने की नई रणनीतियाँ

उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच UPCL के निरंतर प्रयास

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में जलविद्युत उत्पादन में कमी और पीक आवर्स में बढ़ती मांग के बावजूद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) रोस्टिंग को न्यूनतम करने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहा है।

देहरादून: उत्तराखंड के लिए बिजली संकट एक गंभीर चुनौती बन गया है। इस संकट से निपटने के लिए यूपीसीएल ने हर संभव विकल्प का उपयोग करने का निर्णय लिया है। राज्य के प्रबंध निदेशक ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस स्थिति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया और आम जनता तथा मीडिया को वर्तमान विद्युत संकट के कारणों सहित UPCL की रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

विद्युत संकट के कारण

UPCL के प्रबंध निदेशक ने बताया कि राज्य में विद्युत की कमी का मुख्य कारण जलविद्युत परियोजनाओं का अपेक्षाकृत कम उत्पादन, केंद्रीय जलविद्युत परियोजनाओं से कम प्राप्ति और पीक आवर्स के दौरान बढ़ती मांग है। सितंबर माह में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उत्तराखंड जल विद्युत निगम (UJVNL) से प्राप्त जलविद्युत उत्पादन में लगभग 170 मेगावाट की कमी दर्ज की गई है। 2025 के सितंबर पीक आवर्स में UJVNL का औसत उत्पादन 1,094 मेगावाट था, जो इस वर्ष घटकर 912 मेगावाट रह गया है।

बिजली की संख्या में कमी

इसी प्रकार, केंद्रीय जलविद्युत स्टेशनों से पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 90 मेगावाट कम विद्युत प्राप्त हो रही है। इसके अलावा, टिहरी पम्प स्टोरेज प्लांट की दो इकाइयां विभिन्न तकनीकी कारणों से ऑपरेशन में नहीं हैं, जिसके कारण पीक आवर्स में 100 मेगावाट की कमी हो रही है। इन सभी परिस्थितियों ने मिलकर पीक आवर्स के दौरान औसतन 350 मेगावाट की विद्युत कमी उत्पन्न की है, जिसके परिणामस्वरूप UPCL को सीमित एवं नियंत्रित रोस्टरिंग करनी पड़ रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की कमी

प्रबंध निदेशक ने बताया कि इस समय केवल स्थानीय उत्पादन की कमी ही चुनौती नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्युत की उपलब्धता सीमित है। दिन के समय सौर ऊर्जा उपलब्धता के घंटों में बिजली सस्ती होती है, लेकिन शाम और रात के पीक आवर्स में इसकी कीमत बढ़ जाती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, UPCL ने निरंतर बिजली खरीदने के प्रयास किए गए हैं ताकि राज्य में बिजली कटौती को न्यूनतम रखा जा सके।

रोस्टिंग को कम करने का प्रयास

UPCL के प्रबंध निदेशक ने कहा कि उत्तराखंड में विद्युत रोस्टरिंग को न्यूनतम रखने के लिए उनके द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान आपातकालीन परिस्थितियों में रोस्टरिंग को प्राथमिकता के वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार पर निर्धारित किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव न्यूनतम रहे।

रोस्टरिंग की नई प्रक्रिया

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के फर्नेस और स्टील फर्नेस को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार रोस्टरिंग की जा रही है। इसके बाद छोटे नगरों में रोस्टरिंग की व्यवस्था की जा रही है। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि रोस्टरिंग का उद्देश्य विद्युत आपूर्ति को बाधित करना नहीं, बल्कि सीमित विद्युत संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना है।

फील्ड इकाइयों को निर्देश

यूपीसीएल ने फील्ड इकाइयों को निर्देशित किया है कि निर्धारित रखरखाव कार्यों को रोस्टरिंग अवधि के दौरान किया जाए, ताकि सामान्य आपूर्ति अवधि में कोई बाधा न हो। प्रमुख हाइड्रो जनरेटरों को अधिकतम संभव सीमा तक शेड्यूल करने और सौर ऊर्जा उपलब्धता के घंटों में जलविद्युत उत्पादन को कम करने की रणनीति भी अपनाई जा रही है।

उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण

UPCL के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि रोस्टरिंग के दौरान उपभोक्ताओं की शिकायतوں का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। सभी अधिकारियों कोनेटवेयर का सही उपयोग करते हुए विद्युत आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने की आवश्यकता है।

मीडिया की अपील

प्रबंध निदेशक ने मीडिया से भी अपील की है कि वे विद्युत संकट की वास्तविक स्थिति को आम जनता तक सही और तथ्यात्मक रूप में पहुंचाएं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति उत्पन्न न हो।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में UPCL के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

सादर,

टीम नेटानगरी

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