उत्तराखंड के छात्रों के लिए CUET-UG परीक्षा केंद्र पंजाब में आवंटित, बढ़ी चिंता और असंतोष
Round The Watch News: CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) को लेकर उत्तराखंड के छात्रों और अभिभावकों में गंभीर असंतोष देखने को मिल रहा है। राज्य के अनेक विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र उनके निवास स्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर, विशेष रूप से पंजाब के विभिन्न शहरों में आवंटित किए गए हैं, जिससे परीक्षा … The post उत्तराखंड के छात्रों को CUET-UG परीक्षा केंद्र पंजाब में आवंटित, बढ़ी चिंता और नाराजगी appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड के छात्रों के लिए CUET-UG परीक्षा केंद्र पंजाब में आवंटित, बढ़ी चिंता और असंतोष
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के छात्रों और उनके अभिभावकों में CUET-UG परीक्षा केंद्र पंजाब में आवंटित करने के कारण गंभीर असंतोष उत्पन्न हुआ है। इस मुद्दे ने विद्यार्थियों के लिए कई चिंताएं पैदा की हैं जिनमें यात्रा, बसों की उपलब्धता और सुरक्षा शामिल है।
CUET UG (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट – अंडरग्रेजुएट) के अंतर्गत परीक्षा आगामी 18 और 21 मई 2026 को आयोजित की जानी है, लेकिन उत्तराखंड के विद्यार्थियों को जो परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, वे उनके निवास स्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं, खासकर पंजाब के विभिन्न शहरों में। इस दिक्कत ने छात्रों को कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करने मजबूर कर दिया है।
परीक्षा केंद्रों की दूरियां और चुनौतियां
राज्य के छात्रों के लिए समस्या और भी गंभीर हो गई है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए जहाँ परिवहन सुविधाएं पहले से ही सीमित रहती हैं। लंबे समय से यात्रा करने में उन्हें न केवल शारीरिक थकान हो रही है, बल्कि ठहरने की व्यवस्था भी एक चुनौती बन गई है।
आर्थिक और मानसिक दबाव की स्थिति
महंगाई के मौजूदा दौर में अभिभावकों के लिए अपनी संतान की शिक्षा का खर्च उठाना पहले से ही कठिन काम है। अब जब परीक्षा केंद्र इतनी दूर आवंटित किए गए हैं, तो यात्रा और ठहरने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उन पर आ गया है। एक अभिभावक, पंकज कुमार भट्ट, ने कहा, “हम अपनी आवश्यकताओं में कटौती करके बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन इतना दूर का परीक्षा केंद्र मिलने से अब हम और भी चिंतित हैं।”
सुरक्षा को लेकर चिंता
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं। अपरिचित शहरों में ठहरने और परीक्षा देने से पहले सुरक्षा प्रबंधों की चिंता बढ़ी है। कई अभिभावकों का मानना है कि यात्रा के दौरान छात्राओं की सुरक्षा एक बड़ी समस्या बन सकती है।
छात्रों के भविष्य पर संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के पहले इस तरह की कठिनाइयां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं, जिससे उनकी प्रदर्शन क्षमता प्रभावित हो सकती है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह माहौल और भी चुनौतीपूर्ण है, जिससे उनकी अवसरों में भी कमी आ सकती है।
प्रमुख मांगें
इस मुद्दे पर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने संबंधित परीक्षा प्राधिकरण से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- उत्तराखंड के छात्रों के परीक्षा केंद्र को राज्य के भीतर या नजदीकी क्षेत्रों में पुनः आवंटित किया जाए।
- विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
- जल्द निर्णय लेकर विद्यार्थियों को राहत प्रदान की जाए।
त्वरित समाधान की आवश्यकता
स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे पर आवाज उठने लगी है और उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित एजेंसियां जल्द ही इस पर कार्रवाई करेंगी। यदि समय पर समाधान नहीं किया गया, तो इससे हजारों छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यदि आप अधिक जानकारी चाहते हैं, तो कृपया Netaa Nagari पर जाएं।
सादर,
टीम नेटaa नगरि
सुमित्रा शर्मा
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