अंकिता हत्याकांड: पुलकित आर्य और अन्य दोषियों को जमानत नहीं, हाई कोर्ट ने दिखाई कड़ी चेतावनी

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए जा चुके मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य समेत तीनों अभियुक्तों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। हाई कोर्ट ने सोमवार को तीनों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की, लेकिन कोई राहत नहीं दी। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने … The post अंकिता हत्याकांड में जेल से बाहर नहीं आएंगे पुलकित आर्य समेत तीनों दोषी, हाई कोर्ट ने नहीं दी राहत appeared first on Round The Watch.

Aug 11, 2026 - 00:37
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अंकिता हत्याकांड: पुलकित आर्य और अन्य दोषियों को जमानत नहीं, हाई कोर्ट ने दिखाई कड़ी चेतावनी
अंकिता हत्याकांड: पुलकित आर्य और अन्य दोषियों को जमानत नहीं, हाई कोर्ट ने दिखाई कड़ी चेतावनी

अंकिता हत्याकांड: पुलकित आर्य और अन्य दोषियों को जमानत नहीं, हाई कोर्ट ने दिखाई कड़ी चेतावनी

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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य और दो अन्य दोषियों को उच्च न्यायालय ने राहत नहीं दी है। कोर्ट ने उन्हें जेल में ही रहने का फैसला सुनाया है।

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए जा चुके मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, रिसॉर्ट प्रबंधक सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने इस मामले में फिलहाल अगली सुनवाई की तारीख 18 अगस्त निर्धारित की है। उस दिन अभियोजन और शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अपने-अपने तर्क दिए जाएंगे।

जमानत याचिकाओं पर सुनवाई का विवरण

सोमवार को खंडपीठ के सामने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि तीनों निर्दोष हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। उनकी ओर से दायर किए गए तथ्य और साक्ष्य को कमजोर बताया गया है, जो उन्हें दोषी साबित करने के लिए अपर्याप्त हैं। साथ ही, वकीलों ने उस वाट्सएप संदेश की सत्यता पर भी संदेह जताया, जो अभियोजन की कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप

अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट किया कि पुलकित आर्य ईसाई भाजपा नेता के बेटे हैं, जो मामले की गंभीरता को बढ़ाता है। आरोप है कि 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354(ए) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी इसी तरह की सजा दी गई है और वे सभी ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं।

अंकिता की दोबारा करेगी न्याय की प्रतीक्षा

क्या हुआ अंकिता के साथ?
अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिसॉर्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। इसके बाद 24 सितंबर को उसका शव चीला बैराज के पास मिला। घटना ने उत्तराखंड में भारी आक्रोश और प्रदर्शन को जन्म दिया। अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी।

आगे की सुनवाई

हाई कोर्ट में 18 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई सामाजिक मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगी। न्यायालय चाहते हैं कि अभियोजन पक्ष और शिकायतकर्ता प्रभावी रूप से अपने तर्क प्रस्तुत करें ताकि न्याय का सही मार्ग प्रशस्त हो सके। इस स्थिति में हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना कितना आवश्यक है। उत्तराखंड में इस मामले के प्रति जनता की गहरी चिंता साफ देखी जा रही है।

अंकिता भंडारी की हत्याकांड ने न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में एक गंभीर न्यायिक प्रश्न उठाया है। अब सभी की नजरें 18 अगस्त की सुनवाई पर होंगी। न्यायालय के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्या पुलकित आर्य एवं अन्य दोषियों को जमानत मिलेगी या उन्हें फिर जेल में रहना पड़ेगा।

हम इसे केंद्र में रखते हुए चल रहे घटनाक्रमों की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करेंगे। अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें

सादर,
टीम नेटा नगरी
अनु शर्मा

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