“हल्द्वानी: जैस्मीन सैंडलस की जादुई आवाज ने ‘ग्राफेस्ट’ में जोड़ा नया रंग”
धुरंधर जैस्मीन की ‘शरारत’ से झुूम उठा ग्राफिक एरा ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी परिसर में आयोजित महोत्सव ‘ग्राफेस्ट’ में सोमवार की शाम संगीत और उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा। संगीत जगत की ‘गुलाबी क्वीन’ के नाम से मशहूर मशहूर गायिका जैस्मीन सैंडलस ने अपनी जादुई आवाज और बेबाक अंदाज से हजारों छात्र-छात्राओं को मंत्रमुग्ध […] Source
हल्द्वानी: जैस्मीन सैंडलस की जादुई आवाज ने ‘ग्राफेस्ट’ में जोड़ा नया रंग
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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी में आयोजित ‘ग्राफेस्ट’ महोत्सव में जैस्मीन सैंडलस ने अपने हल्की-फुल्की और दिलकश गायकी से छात्रों का मन मोह लिया।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी का माहौल सोमवार शाम को संगीत और उल्लास से भरा रहा। यहाँ पर आयोजित महोत्सव ‘ग्राफेस्ट’ में साउंड की धुनों पर सबने थिरकने का आनंद लिया। संगीत जगत की ‘गुलाबी क्वीन’ के नाम से मशहूर जैस्मीन सैंडलस ने इस महोत्सव में अपने प्रतिष्ठित गीत जैसे “सिप-सिप”, “शरारत”, और “मैं और तू” गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जैस्मीन की गायकी का जादू
जैस्मीन ने अपने गायकी के दौरान छात्रों की भागीदारी और उत्साह को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न केवल अपनी जादुई आवाज का जादू बिखेरा, बल्कि अपने बेबाक अंदाज से भी सबका दिल जीत लिया। उनकी संगीत कारीगरी में एक विशेष ऊर्जा थी, जो उपस्थित सभी लोगों को झूमने पर मजबूर कर रही थी।
‘ग्राफेस्ट’ में जोश और उत्साह
इस महोत्सव का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में किया गया था, जहाँ हजारों छात्रों और अन्य उपस्थित लोगों के लिए यह एक यादगार शाम साबित हुई। जैस्मीन की आवाज ने न केवल छात्रों को सजीव प्रदर्शन का अनुभव कराया, बल्कि उन्हें संगीत की दुनिया में डूबने में भी मदद की। महोत्सव में छात्रों की भागीदारी और उत्साह का स्तर स्पष्ट था, जो इस कार्यक्रम की सफलता का एक महत्वपूर्ण कारक था।
संगीत की ताकत
संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं होता, बल्कि यह एक ऐसा माध्यम है जो भावनाओं को अभिव्यक्त करने में मदद करता है। जैस्मीन जैसे कलाकारों की मुस्कान और उनकी गायकी का जादू इस बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि संगीत का जादू सभी को एक साथ जोड़ सकता है।
अंत करने के लिए
इस प्रकार, जैस्मीन सैंडलस की प्रस्तुति ने ‘ग्राफेस्ट’ महोत्सव को जीवंत और यादगार बना दिया। उनके गीतों ने दर्शकों के दिलों में एक स्थायी छाप छोड़ी है। जैस्मीन की आवाज़ ने छात्रों के दिलों में जोश और ऊर्जा का संचार किया, जिससे यह आयोजन और भी रोचक हो गया।
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सादर, टीम नेटा नगरी - प्रिया शुक्ला
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