वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर मातृशक्ति की भव्य तिरंगा यात्रा
लखनऊ, 12 अगस्त। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की सनातन ध्वजवाहिका
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर मातृशक्ति की भव्य तिरंगा यात्रा
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कम शब्दों में कहें तो, लखनऊ में 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व सपना गोयल ने किया।
लखनऊ, 12 अगस्त। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से मातृशक्ति की पहल पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व सपना गोयल ने किया, जिसमें शामिल महिलाएं सनातनी पीली साड़ियों में सजी थीं और उन्होंने हाथों में तिरंगा पकड़ा हुआ था। यह यात्रा इंदिरा नगर स्थित शिव शक्ति शनिदेव मंदिर से शुरू होकर नीलगिरी चौराहे तक गई।
इस दौरान महिलाओं ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के जयघोष के साथ देशभक्ति के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। यात्रा के समापन पर राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन किया गया, जिसने सभी उपस्थित लोगों में एकजुटता और उत्साह का संचार किया।
वंदे मातरम् का महत्व
सपना गोयल ने इस अवसर पर कहाकि, “'वंदे मातरम्' केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को जागृत करने वाला राष्ट्रगीत है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के समय में भारतीयों में राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान की भावना पैदा करने में अहम भूमिका निभाई।”
सम्मानित मातृशक्ति
इस कार्यक्रम में पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता दिलीप श्रीवास्तव ने 'वंदे मातरम्' को भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया और मातृशक्ति को तिरंगा दुपट्टा देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “यह यात्रा महिलाओं की शक्ति को दर्शाती है और यह हमें एकजुट होकर अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश देती है।”
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी
सपना गोयल ने आगामी 16 अगस्त को चिनहट स्थित रजत डिग्री कॉलेज के सामने भव्य हरियाली तीज महोत्सव आयोजित करने की जानकारी भी साझा की। इस महोत्सव में लगभग 2500 सनातनी महिलाएं शामिल होंगी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान शिव का महादरबार एवं झूला उत्सव होगा। इस अवसर पर समाज सेवा में सक्रिय महिलाओं का भी सम्मान किया जाएगा।
सुंदरकांड महाअभियान का विस्तार
सपना गोयल ने यह भी बताया कि 'सेवा परमो धर्मः' के आधार पर ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सुंदरकांड पाठ और कई सामाजिक सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस समय सुंदरकांड महाअभियान देश के 42 जिलों और 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इसके तहत 10 मार्च 2024 को महिला दिवस पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा।
भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने की दिशा
सपना गोयल ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य भारत को संतों और ऋषियों की पावन भूमि के रूप में पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करना है। इसके लिए सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रहित के कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी जारी रहेगा।
इस प्रकार, मातृशक्ति द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा न केवल 'वंदे मातरम्' के प्रति श्रद्धांजलि थी, बल्कि यह भारत की संस्कृति, एकता और जन जागरूकता का प्रतीक भी बन गई।
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Team Netaa Nagari - Simplified News Reporting
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