मुख्यमंत्री धामी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरगाथा में सेना के अदम्य साहस को किया स्मरण

मुख्यमंत्री ने सोमवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में “ऑपरेशन सिंदूर – शौर्य, सम्मान और वीरता” के एक

May 12, 2026 - 09:37
 99  2.3k
मुख्यमंत्री धामी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरगाथा में सेना के अदम्य साहस को किया स्मरण
मुख्यमंत्री धामी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरगाथा में सेना के अदम्य साहस को किया स्मरण

मुख्यमंत्री धामी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरगाथा में सेना के अदम्य साहस को किया स्मरण

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री धामी ने दून सैनिक इंस्टीट्यूट में 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से भारतीय सेना के अदम्य साहस और समर्पण की महत्ता को उजागर करने का एक प्रयास था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट, देहरादून स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित 'ऑपरेशन सिंदूर – शौर्य, सम्मान और वीरता' के वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन को अद्वितीय सफलता के साथ अंजाम दिया।

भारतीय सेना का साहस और पराक्रम

धामी ने कहा कि भारतीय जवानों के अदम्य साहस और समर्पण के कारण दुश्मन भारत की ओर आँख उठाने का साहस नहीं कर सकता। उन्होंने उल्लेख किया कि इस सैन्य अभियानों की सफलता केवल रणनीति पर नहीं, बल्कि सेना के मनोबल और तकनीकी सक्षमता पर भी निर्भर करती है।

ऑपरेशन सिंदूर की महत्ता

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने इस अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेना ने मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को विफल करते हुए यह सुनिश्चित किया कि कोई भी मिसाइल भारतीय भूमि पर न गिरे। यह विशेषता भारत की सुरक्षा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उत्तराखंड और सेना का नाता

उत्तराखंड का भारतीय सेना के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। लगभग प्रत्येक परिवार में एक सदस्य सेना में सेवा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य सैनिकों के सम्मान में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की नीतियों का भी जिक्र किया।

राज्य सरकार शहीद परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में बढ़ोतरी, सरकारी परिवहन में निःशुल्क यात्रा और संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दे रही है।

सैनिक कल्याण का संदेश

सैनिक कल्याण मंत्री ने इस अवसर पर बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि यह मातृशक्ति, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

यह कार्यक्रम न केवल सैन्य विजय की याद दिलाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सैनिकों का बलिदान और शौर्य राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सहमति दिखाते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना को आधुनिक तकनीकों और हथियारों से लैस करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है।

भविष्य में, भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है, जो कि इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से, मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय सेना को न केवल श्रद्धांजलि दी, बल्कि उनकी वीरता और बलिदान को आम जनमानस में भी उजागर किया।

इस सोच के साथ, हम यह महसूस करते हैं कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने सैनिकों के प्रति सम्मान और साहस को बनाए रखें।

आइए हम सभी मिलकर अपने सैनिकों को समर्थन दें और उनके प्रयासों को सराहें।

फिर से, भारत की विजय की याद में, हम सभी को अपने सैनिकों पर गर्व महसूस करना चाहिए।

इसके अलावा, अधिक समाचारों के लिए, कृपया Netaa Nagari पर जाएं।

सादर,
टीम नेटaa नागरी
सविता मेहरा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow