डाकू नहीं, अब राजनीति की डगर पर मंगली केवट... कानपुर की जेल से रिहाई, एके 47 रखने में हुई थी सजा
शैलेश अवस्थी/ कानपुर l कोई डेढ़ दशक तक आतंक का पर्याय रहे डाकू मंगली केवट ने कहा कि अपराध की दुनिया में कुछ नहीं रक्खाl अब वह राजनीति में किस्मत आजमाएगा और समाजसेवा करेगाl जालौन ज़िले के कठोंद थानाक्षेत्र के विजवाहा गांव निवासी मंगली केवट को 2006 में कानपुर की बाबूपुरवा थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था और फिर इसकी पत्नी मालती ने भी हथियार डाल दिए l दोनों माती जेल में बंद थे l मंगली को तीन आजीवन कारावास और तीन 10-10 साल की सज़ा हुई थी, लेकिन बहुत ही अच्छे चाल-चलन और आदतों में बदलाव को कभी...
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शैलेश अवस्थी/ कानपुर l कोई डेढ़ दशक तक आतंक का पर्याय रहे डाकू मंगली केवट ने कहा कि अपराध की दुनिया में कुछ नहीं रक्खाl अब वह राजनीति में किस्मत आजमाएगा और समाजसेवा करेगाl जालौन ज़िले के कठोंद थानाक्षेत्र के विजवाहा गांव निवासी मंगली केवट को 2006 में कानपुर की बाबूपुरवा थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था और फिर इसकी पत्नी मालती ने भी हथियार डाल दिए l दोनों माती जेल में बंद थे l
मंगली को तीन आजीवन कारावास और तीन 10-10 साल की सज़ा हुई थी, लेकिन बहुत ही अच्छे चाल-चलन और आदतों में बदलाव को देखते हुए उसे गुरुवार को रिहा कर दिया गया l वह 19 साल सात महीने जेल में रहा l इस दौरान पूजा-पाठ करता, विनम्र व्यवहार, पश्चाताप करता और कहता कि अपराध की दुनिया में कष्ट, अपमान और दुःख ही मिलता है l
कभी सीदा-सादा मंगली दूध बेचता था, लेकिन गांव के कुछ दबंगों से विवाद और उत्पीड़न के बाद बागी बन गया l वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने बताया कि कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर से अनबन हुई तो मंगली ने अपनी पत्नी मालती के साथ मिलकर अलग बड़ा गैंग बनाया और देखते ही देखते खौफ का पर्याय बन गया था l
उस पर कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, इटावा और औरैया में अपहरण, फिरौती, हत्या के मामले दर्ज हुए l उस पर 50 हज़ार का इनाम था l वह एके-47 लेकर चलता था, जिसे पुलिस ने महेशपुर गांव से बरामद कर लिया था l संभवतः मंगली केवट का एकमात्र गैंग था, जिसने अपनी बीवी मालती को भी शामिल किया था l मालती की रिहाई भी छह महीने पहले हुई है l
जेल से बाहर आते ही उसे फूल मलाओं से लाद दिया गया l वह थसक से गांव पहुंचा और सबसे विनम्रता से मिला l पत्नी को देख भावुक हुआ l कहा कि अब मेहनत करेगा, राजनीति में किस्मत आजमाएगा और सेवा करेगा l यह भी कहा उससे जो अपराध हुए, उसे इसका मलाल है l
-जेल से लड़ा था प्रधानी चुनाव..
मंगली केवट ने 2011 में जेल में रहते प्रधान का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था l बताते हैं कि इसकी पत्नी भी चुनाव में उतरी थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई l अब मंगली फिर माहौल बना रहा है l
-इन डकैतों का भी बदला जीवन..
-जेल से रिहाई के बाद डाकू फूलन देवी सांसद बनी l डकैत कुसुमा नाइन जेल जीवन के दौरान ऐसा बदली कि कैदियों के बीच प्रवचन करने लगी और रामकथा सुनाने लगी l बीते मार्च में उसकी मौत हो गई l डाकू सीमा परिहार तो टीवी शो बिग बॉस में पहुंच गई थी l डाकू तहसीलदार सिंह भी रिहा होने के बाद इटावा से चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हुआ l रिहा होने के बाद डाकू जग्गा ने तो दूध डेयरी खोल ली थी l
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