ऋषिकेश: सड़क पर गिरे बिजली के तार से मां-बेटी की जान गई, ग्रामीणों का हंगामा
Rajkumar Dhiman, Dehradun: ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में करंट की चपेट में आने से मां और उसकी दो साल की बेटी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिरा था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। सड़क पर पानी भरा … The post सड़क पर गिरे करंट वाले तार ने ली मां-बेटी की जान, ऋषिकेश में ग्रामीणों का हंगामा appeared first on Round The Watch.
ऋषिकेश: सड़क पर गिरे बिजली के तार से मां-बेटी की जान गई, ग्रामीणों का हंगामा
राजकुमार धिमान, देहरादून: ऋषिकेश के खदरी क्षेत्र में रविवार शाम एक दुखद घटना के दौरान करंट की चपेट में आकर एक मां और उसकी दो साल की बेटी की जान चली गई। घटना का कारण यह बताया गया है कि बिजली का एक तार टूटकर सड़क पर गिर गया था और उसकी वजह से करंट सड़क पर पानी में फैल गया था। इससे 26 वर्षीय सुमन और उसकी बेटी सृष्टि की जान गई। हादसे के बाद, दो वर्षीय सृष्टि ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
घर लौटते समय हुआ हादसा
सूत्रों के अनुसार, सुमन अपनी दो वर्षीय बेटी सृष्टि और बेटे के साथ घर लौट रही थी जब यह दुखद घटना हुई। सड़क पर पानी भरा हुआ था, और जैसे ही उसका पैर पानी में पड़ा, वह गिर गई, जिससे उसकी बेटी भी चपेट में आ गई।
बिजली का करंट फैल गया
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बिजली के पोल से तार टूटकर सड़क पर गिरा था, और सड़क पर पहले से पानी जमा था। करंट पानी में फैल गया, जिससे सुमन और उसकी बेटी गंभीर रूप से झुलस गई। जब परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो दोनों को तुरंत एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एम्स में हंगामा
इस घटना की खबर से परिजन और ग्रामीण मौके पर आक्रोशित हो गए। उन्होंने एम्स ऋषिकेश में हंगामा करते हुए बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
परेशानी बढ़ी, मुआवजा नाकाफी
घटना के बाद, बिजली विभाग ने पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों ने इसे नाकाफी करार दिया और कहा कि केवल मुआवजे से विभाग की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। वे चाहते हैं कि मामले में उचित कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित किया जाए।
लापरवाही पर सवाल उठाए गए
पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरे सिस्टम की लापरवाही दिखाता है। उन्होंने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की।
जांच और संभावित कार्रवाई
ऋषिकेश की एसडीएम कुमकुम जोशी ने कहा कि बिजली विभाग को पहले ही सतर्क रहने के लिए कहा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
घटना ने कई सवाल खड़े किए
इस घटना के बाद लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर बिजली का तार कब टूटा, इसकी सूचना बिजली विभाग को कब मिली, और पानी भरने के बावजूद बिजली आपूर्ति क्यों बंद नहीं की गई।
निष्कर्ष
इस प्रकार की घटनाएं हमारे समाज में सुरक्षा की कमी को दर्शाती हैं। एक मां और उसकी मासूम बेटी की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। अब यह देखना होगा कि जांच में क्या नतीजे निकलते हैं और इस प्रक्रिया में ठीक से कार्रवाई होती है या नहीं।
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कम शब्दों में कहें तो, बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से एक परिवार की खुशियाँ छीन ली गईं। स्थानीय लोगों की आवाज़ उठनी जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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सादर,
टीम नेटा नगरी, ज्योति
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