उत्तराखंड की पूर्ण साक्षरता: मुख्यमंत्री ने बताई गौरव की ऐतिहासिक उपलब्धि
उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की उपलब्धि : मुख्यमंत्री मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड बना देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के साथ जीवन कौशल की दिशा में नई शुरुआत : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह […] Source
उत्तराखंड की पूर्ण साक्षरता: मुख्यमंत्री ने बताई गौरव की ऐतिहासिक उपलब्धि
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनकर देश के अन्य राज्यों में एक नए मुकाम को हासिल किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय बताया है।
प्रधानमंत्री मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड अब भारत का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बना है। यह उपलब्धि न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते कदमों को दर्शाती है, बल्कि डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को भी प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ण साक्षरता कोई अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के साथ जीवन कौशल में नई शुरुआत की दिशा में एक कदम है।
पूर्ण साक्षरता का महत्व
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक मजबूत समाज की नींव है। साक्षरता दर में वृद्धि के परिणामस्वरूप आर्थिक विकास और सामाजिक उत्थान में इजाफा होगा। यह उत्तराखंड की युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का द्वार खोलता है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में योगदान करता है।
क्या हैं आगामी योजनाएं?
सीएम धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ ही डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं बनाएगी। ये योजनाएँ न केवल छात्रों के लिए बल्कि समस्त लोगों के लिए होंगी ताकि सभी नागरिक अपने अधिकारों और दायित्वों से अवगत हो सकें और समाज के विकास में योगदान दे सकें।
नवीनतम तकनीक का उपयोग
उत्तराखंड सरकार ने डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से शिक्षा को और सुलभ बनाने की दिशा में कई प्रयास किए हैं। ऑनलाइन शिक्षण, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और अन्य तकनीकी साधनों का इस उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके फलस्वरूप छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
समर्थन और सहयोग का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे शिक्षा को प्राथमिकता दें और अपने बच्चों को स्कूल भेजने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सामुदायिक जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ही हम एक साक्षर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड की पूर्ण साक्षरता केवल एक मील का पत्थर नहीं है, बल्कि यह हमारे लिए एक नए इरादे और संकल्प का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि हम सभी मिलकर अपने प्रदेश को और अधिक शिक्षित, समृद्ध और सशक्त बना सकते हैं।
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— Team Netaa Nagari, सुषमा शर्मा
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