उतराखंड की मातृशक्ति का नया सपना: लिलियम फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता

पौड़ी की मातृशक्ति ने लिलियम की खुशबू से गढ़ी नई पहचान प्रति वर्ष 10 लाख आय का लक्ष्य रखा गया है निर्धारित धामी सरकार के सहयोग से कोट ब्लॉक में… Source Link: “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” का सपना हो रहा साकार” – सीएम धामी

Aug 28, 2025 - 00:37
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उतराखंड की मातृशक्ति का नया सपना: लिलियम फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता
“आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” का सपना हो रहा साकार” – सीएम धामी

उतराखंड की मातृशक्ति का नया सपना: लिलियम फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में "आत्मनिर्भर उत्तराखंड" का सपना साकार होता नजर आ रहा है। पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लॉक की मातृशक्ति लिलियम फूलों की खेती के जरिए आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी गढ़ रही है। आइए, इस अद्भुत पहल के बारे में विस्तार से जानें।

लिलियम फूलों की खेती: मातृशक्ति की नई पहचान

पौड़ी की मातृशक्ति ने लिलियम फूलों की खेती से न केवल अपने जीवन को समृद्ध बनाया है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है। स्थानीय महिलाओं ने लिलियम की खुशबू के साथ-साथ विकास की नई गाथा लिखी है, जिससे उनके जीवन में नई रोशनी आई है।

सरकारी सहयोग और नवाचार

सरकार के सहयोग से कोट ब्लॉक में 22 पॉली हाउसों का निर्माण किया गया है, जिसमें महिला समूह सक्रिय रूप से लिलियम फूलों की खेती कर रही हैं। दृष्टि योजना के तहत, इन महिलाओं को 50 प्रतिशत अनुदान और विपणन के लिए आवश्यक संसाधनों की गारंटी दी जा रही है। इस पहल के माध्यम से चारों ओर एक नई आशा की लहर दौड़ रही है।

आर्थिक सफलता का मॉडल

महिलाएं इस क्षेत्र में प्रति वर्ष 10 लाख रुपये कमाने का लक्ष्य निर्धारित कर रही हैं। ए-ग्रेड लिलियम की कीमत 80 रुपये, बी-ग्रेड 70 रुपये और सी-ग्रेड 60 रुपये तक है। यह आर्थिक वृद्धि न केवल महिलाओं को सशक्त बना रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और क्षमताओं में भी इजाफा कर रही है।

सीएम धामी का विज़न

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "उत्तराखंड की मातृशक्ति हमारे राज्य का असली स्तंभ है। कोट ब्लॉक की महिलाओं ने यह प्रमाणित किया है कि संकल्प और मेहनत से कोई भी सपने साकार हो सकते हैं। यह सिर्फ एक कृषि परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और नवाचार का उदाहरण है।"

निष्कर्ष और भविष्य की दिशा

इस नएाराग के माध्यम से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, बल्कि यह उत्तराखंड सरकार के "आत्मनिर्भर उत्तरखंड" की परिकल्पना को भी नई दिशा दे रहा है। इस तरह के प्रयास समाज में बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

पौड़ी की इस धरती से उठ रही खुशबू केवल फूलों की नहीं है, बल्कि यह विकास, परिवर्तन और समृद्धि का प्रतीक है। आज हमें एकजुट होकर इस सपने को साकार करना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तराखंड राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठा कर हम सभी मिलकर एक आत्मनिर्भर और खुशहाल उत्तराखंड का निर्माण कर सकते हैं।

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सादर,

टीम नेटा नगरी - राधिका शर्मा

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